घोसी में श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में राम-केवट संवाद का मंचन करते कला
घोसी। आदर्श नगरपंचायत घोसी की पारंपरिक रामलीला के दूसरे दिन राम वन गमन, केवट राम संवाद सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन बाबा राघव दास की कुटी के समीप पुल के पास नहर में हुआ। राम केवट संवाद देख दर्शक भावविह्वल हो गए।
केवट राम संवाद में श्रीराम केवट को आवाज देकर बुलाते हैं, भाई केवट नाव लाना जिसे सुन केवट प्रभु राम का परिचय जाना और अपनी नाव पर बैठाने से मना कर दिया तो श्री राम ने केवट से कारण पूछा तो केवट ने शंका बताई और कहा कि हे प्रभु मोरी छोटी सी नाव, तेरा जादूगर पांव मोहें डर लागे राम, कैसे बिठाऊं तोहे नाव में। केवट के भोलेपन से किए अनुरोध को श्रीराम ने अपने पग पखारने की सहमति दे दी और नाव में बैठ कर नदी पार की।
श्रीराम, मां जानकी और भइया लक्ष्मण को नदी पार करने के बाद केवट को मजदूरी देनी चाही तो केवट ने मना कर दिया। केवट राम संवाद राम लीला का यहीं पर विराम हुआ, इस मनोरम दृश्य को देखकर लोग भावविभोर हो उठे। जयश्री राम का जयकारा लगाने लगे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष रामविलास सोनकर आदि शामिल थे।