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Mukhtar Dead: मुख्तार की मौत पर बोले BJP नेता अशोक सिंह, कोर्ट से पहले आया भगवान का फैसला, मऊ में फोर्स तैनात

Thu, 28 Mar 2024 11:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ

सार

Mau News: अशोक सिंह ने इस दौरान कहा कि दो घटना मुख्तार अंसारी द्वारा कराया गया था। 29 अगस्त 2009 को मेरे भाई की हत्या हुई थी। उनके साथ मौजूद ड्राइबर और दो लोगों को गोली लगी थी। मेरे भाई मन्ना सिंह की मुख्तार अंसारी से कोई अदावत नहीं थी। मुख्तार अंसारी को गुंडा टैक्स चाहिए था। मेरे भाई ने मना कर दिया जिस पर उनकी हत्या करा दी गई।
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मऊ में तैनात हो गई पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरुवार की देर रात जैसे ही मेडिकल कालेज द्वारा मुख्तार अंसारी की मौत को सूचना की पुष्टि की गई। वैसे ही पूरे जिले में प्रशासन ने 144 धारा लगाने के साथ नगर सहित पूरे जिले में पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई। इसीबीच मुख्तार के घूर विरोधी भाजपा नेता अशोक सिंह ने कहा कि यह भगवान की सजा है। उनके भाई मन्ना सिंह का हत्या का फैसला अभी आना बाकी है लेकिन इससे पहले ही भगवान ने एक अपराधी को उसके किये को सजा मुकर्रर कर दी।

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सच्चाई तो डाक्टर जाने, लेकिन...
बताते चले की दो दिन पहले जब मुख्तार अंसारी का स्यास्थ्य पर  खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में एडमिट कराया गया था।उस समय अमर उजाला से बातचीत करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा सदर विधानसभा प्रत्याशी अशोक सिंह ने एक बयान में इसे एक्टिंग करार दिया। अशोक सिंह ने  बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें मुख्तार अंसारी के बीमार होने की जानकारी मिली। कहा कि बीमार तो कोई भी हो सकता है, रही बात तो यह लोग एक्टिंग करने में काफी मशहूर हैं।
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अभी आपने देखा होगा कि जब पंजाब जेल से आना तो व्हील चेयर पर बैठ गए, लेकिन बांदा जेल पहुंचते ही व्हील चेयर को पैर से मारते हुए पैदल अंदर चले गए। आगे कहा कि हो सकता है बीमार हो, एक्टिंग भी हो, इससे पहले एक्टिंग कर चुके है। आगे कहा कि मुख्तार शुद्ध अपराधी के अलावा हैं क्या, योगी सरकार आने के बाद से इनके अपराधों का हिसाब लिया जा रहा है।
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गुंडा टैक्स न देने पर भाई की मुख्तार ने कराई थी हत्या
अशोक सिंह ने इस दौरान कहा कि दो घटना मुख्तार अंसारी द्वारा कराया गया था। 29 अगस्त 2009 को मेरे भाई की हत्या हुई थी। उनके साथ मौजूद ड्राइबर और दो लोगों को गोली लगी थी। मेरे भाई मन्ना सिंह की मुख्तार अंसारी से कोई अदावत नहीं थी। मुख्तार अंसारी को गुंडा टैक्स चाहिए था। मेरे भाई ने मना कर दिया जिस पर उनकी हत्या करा दी गई। वहीं 19 मार्च 2010 को इस घटना के मुख्य गवाह रामसिंह मौर्या को पुराने आरटीओ दफ्तर पर गोली मारकर हत्या की गई थी, वहीं इस दौरान सुरक्षा में तैनात सिपाही सतीश कुमार की हत्या हुई थी।

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