मऊ। जिले के राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी रोकने के लिए अब उनकी उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन से लगेगी। इस पर स्कूल के शिक्षकों तथा कर्मचारियों का ब्योरा दर्ज होगा। एप को शिक्षकों के वेतन से जोड़ा जाएगा। शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्तर पर पोर्टल बनाया जाएगा। शासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक को एक माह में विद्यालयों में बायोमेट्रिक लागू कर सूचना उपलब्ध कराने का फरमान जारी किया है।
जिले में 14 राजकीय तथा 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों द्वारा समय से न पहुंचने की अक्सर अभिभावक शिकायत करते रहते हैं। शासन ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत जिले के माध्यमिक विद्यालयों में समय पर न पहुंचने वाले शिक्षकों की निगरानी के लिए अब बायोमैट्रिक के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। शिक्षकों को विद्यालय में आने और जाने के बाद अपनी हाजिरी मशीन से लगानी होगी। स्कूलों में वाई-फाई भी लगाए जाएंगे, जिससे साफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति को चेक किया जा सकेगा। एक माह के अंदर स्कूलों में बायोमेट्रिक से शिक्षकों की उपस्थिति लगनी शुरू हो जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्तर पर पोर्टल बनाकर निगरानी की जाएगी। इसके लिए विद्यालयवार शिक्षकों, कर्मचारियों का ब्योरा सहित विभिन्न विवरण प्रधानाचार्यों से मांगा गया है। डीआईओएस राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों, कर्मचारियों की की बायोमेट्रिक मशीन से शिक्षकों की उपस्थिति लगेगी। प्रधानाचार्यों से रिपोर्ट मांगी गई है।