मऊ। तमसा नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा के लिए दशकों पूर्व बने 1.1 किलोमीटर लंबे नगर के भदेसरा जमीदारी बंधे का उच्चीकरण तथा सुदृढ़ीकरण होगा। इससे लगभग 35 हजार आबादी को बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी। सिंचाई विभाग ने एक करोड़ की लागत से भदेसरा जमीदारी बंधे का उच्चीकरण तथा सुदृढीकरण करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेेजा है।
तमसा नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा के लिए 1.1 किलोमीटर लंबा नगर का भदेसरा जमीदारी बंधा दशकों पूर्व बना है। लंबे समय से बंधा उपेक्षित हाल में है। तमसा नदी प्रतिवर्ष तबाही मचाती है। इससे नगर सहित आसपास के इलाके की आबादी प्रभावित होती है। इस वर्ष भी नदी के रौद्र रुप धारण करने से नगर सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। बंधे को ऊंचा करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से मामले को लटका दिया जाता रहा।
तमसा नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अब सिंचाई विभाग एक करोड़ की लागत से 1.1 किमी लंबे बंधे के उच्चीकरण तथा सुदृढ़ीकरण कराएगा। प्रस्ताव के अनुसार बंधा 3.50 मीटर ऊंचा तथा तीन मीटर चौड़ा बंधा का निर्माण कराया जाएगा। बंधा का उच्चीकरण तथा सुदृढ़ीकरण करने से भदेसरा, कोल्हाड़, साई की तकिया, झझवा सहित आसपास सहित दर्जनों इलाके की लगभग 35 हजार आबादी को नदी में आई बाढ़ से सुरक्षा मिल सकेगी।
इस संबंध में पूर्व सभासद छोटेलाल गांधी, श्रीकांत त्रिपाठी का कहना था कि तमसा नदी के कहर से बचाने के लिए नगर को सुरक्षित करने के लिए स्थाई समाधान अविलंब किया जाए। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि एक करोड़ की लागत से भदेसरा जमीदारी बंधे का उच्चीकरण तथा सुदृढीकरण कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेेजा गया है। बंधे के उच्चीकरण तथा सुदृढीकरण से लगभग 35 हजार आबादी को फायदा मिल सकेगा।