मऊ। दिलीप हत्याकांड के एक और आरोपी को चौथे दिन पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस टीम कई संभावित स्थानों पर अभी और संदिग्धों की तलाश में छापा मारती रही। हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला बताया जा रहा है। प्रेमिका की खातिर जिगरी दोस्त ने ही दिलीप की जान ले ली। दोस्त के विश्वास में ही दिलीप उसके फोन करने पर सुनसान स्थान पर चला गया। वहां अरहर के खेत में ले जाकर हत्यारों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने उसके शव को दूसरे साथी की कार के कवर में लपेटकर कुएं में डाल दिया था। मुख्य हत्यारोपी ने दिलीप को प्रेमिका से बात करने और मिलने से मना किया था। लेकिन दिलीप उसकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा था। उसके क्या मालूम था कि प्रेमिका के लिए उसका दोस्त ही उसकी जान ले लेगा।
रानीपुर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी मुख्य आरोपी से दिलीप पांडेय की दोस्ती थी। भार गांव के भी कई युवक इन दोनों के दोस्त थे। सभी एक साथ बैठकर गप्पे मारते थे। इसी दौरान मुख्य आरोपी ने दिलीप से अपनी प्रेमिका का जिक्र कर दिया था। दिलीप के आग्रह पर उसने अपनी प्रेमिका से अपने सामने ही बात भी करा दिया था। इसके बाद तो पासा पलट गया।
प्रेमिका अब पुराने प्रेमी की बजाए दिलीप को ही ज्यादा लिफ्ट देने लगी। इसका एहसास होने पर उसने दिलीप को चेताया भी था। उसने दिलीप से कहा था कि उसकी प्रेमिका से दूर ही रहे। बताते हैं कि दोस्त की बात का दिलीप पर असर नहीं पड़ा और वह उसकी प्रेमिका से बातें करता रहा। इसी बात को लेकर दोस्त ने दिलीप को रास्ते से ही हटा देने की ठान लिया।
इसके लिए उसने अपने एक दूसरे मित्र की मदद ली। दोस्त के ही फोन करने पर दिलीप 28 अक्टूबर की रात नौ बजे अपने घर से निकला। वहां पहले से ही पूरी तरह से प्लान बनाए दोस्त बात करते हुए दिलीप को बस्ती से कुछ अरहर के खेत में ले गए। वहां कुल्हाड़ी से पीछे से प्रहार कर उसे मौत की नींद सुला दिया। बाद में एक अन्य दोस्त की कार के कवर में शव के लपेट कर कुएं तक ले गए और उसमें डाल दिया। इस संबंध में सीओ सिटी धनंजय मिश्र का कहना था कि पुलिस जांच कर रही है, कई संदिग्धों को उठाया गया है जांच की जा रही है। जल्दी ही हत्याकांड से पूरी तरह परदा उठ जाएगा।