ग्रामीण रामप्रताप यादव, धनेश कुमार, कौलजित बिंद, विकास शर्मा आदि ने बताया कि बिजली बिल अब तक गांव में एक बार भी बिजली बिल नहीं भेजा गया। अब एकाएक बिजली बिल हजारों में भेजकर हम परजमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि जब हमने बिजली बिल नहीं जमा कर सके तो बिजली निगम के जिम्मेदारों ने गांव की बिजली काट दी थी। बाद में जब इसकी शिकायत हम लोगों ने जनप्रतिनिधियों से की तो उसके गांव में बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
इस संबंध में मधुबन एसडीओ आरके यादव का कहना है कि गांव में बिजली बिल बकाया है। कई साल से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि बिजली काटी गई थी लेकिन बाद में राजस्व वसूली होने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी गई। उधर, हर माह बिजली बिल क्यों नहीं भेजा गया, इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
उर्जा मंत्री एके शर्मा ने बाढ़ का जायजा लेने के लिए बीते छह अगस्त को बिंदटोलिया गांव का निरीक्षण किया था। गांव के लोगों से संवाद कर उनकी समस्या भी सुनी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी समस्या अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री तक पहुंचने ही नहीं दी। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे समय में जब सरयू नदी का लगातार जलस्तर बढ़ रहा है, हमारी जमीन कटान की जद में आ रही है। हजारों रुपये का बिल का भुगतान कराने को लेकर दवाब बनाया जा रहा है। ऐसे में वह कटान के साथ इस समस्या की दोहरी परेशानी को झेल रहे है।
क्या बोले अधिकारी
कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ताओं की भी बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी होती है। हर माह क्यों बिजली बिल नहीं दिया गया, इसकी जानकारी लेने के साथ बिंदटोलिया गांव में कैंप लगाया जाएगा। उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी जाएगी। उनकी शिकायतों का उचित निस्तारण कराया जाएगा।
-सत्यप्रिय सिंह, एडीएम