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Mau News: कटान पीड़ितों को बिजली निगम का झटका, मड़ई में रहने वालों को 75 हजार रुपये का भेजा बिल

Sun, 10 Aug 2025 09:34 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ जिले में कटान पीड़ितों को बिजली विभाग ने बड़ा झटका दिया है। मड़ई में रहने वालों को 75 हजार का बिल भेजा। जिसे देखकर लोगों के होश  उड़ गए। 
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electric bill - फोटो : istock
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विस्तार
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मऊ जिले में मधुबन तहसील के देवारा का बिंदटोलिया गांव बाढ़ग्रस्त गांव में शामिल है। वर्तमान में यहां नदी के रौद्र रूप से कटान शुरू हो चुकी है। उधर, भारी भरकम बिजली बिल से लोग परेशान हैं। झोपड़ी में रहने वाले ग्रामीणों 40 हजार से 75 हजार का बिजली बिल भेज दिया है।
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कई ऐसे उपभोक्ता ऐसे है जिनके यहां केवल बल्ब ही लगा है, उसका भी 56 हजार का बिजली बिल आया है। बीते दिनों बिजली निगम ने पूरे गांव का कनेक्शन काट दिया था। 2017-18 में गांव में विद्युतीकरण कराया गया था। बिंदटोलिया निवासी रामअवध पुत्र बल्ली ने बताया कि वह अपनी मड़ई में बीते कई साल से परिवार के साथ रहते हैं। बिजली सुविधा के नाम पर उसके यहां तीन बल्ब एक पंखा लगा हुआ है।

उसके यहां बिजली निगम ने 56 हजार 778 रुपये का बिल एक माह पहले भेजा गया है। वहीं रीता पत्नी रामसरीख ने बताया कि उनकी झोपड़ी में दो ब्लब और एक पंखा लगा है लेकिन बिजली निगम ने उसे 75 हजार 5444 का बिल भेजा है।
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वहीं जगदीश ने बताया कि कई साल से बिजली बिल नहीं आ रहा था। निगम ने बीते माह उन्हें 46 हजार 289 रुपये का बिजली बिल थमा दिया है। वहीं रोहिणी ने बताया कि उसके घर पर उसके अलावा कोई नहीं है, बिजली के नाम पर एक ब्लब होने के बाद भी उसे भी 46 हजार का बिल भेजा गया है।

ग्रामीण रामप्रताप यादव, धनेश कुमार, कौलजित बिंद, विकास शर्मा आदि ने बताया कि बिजली बिल अब तक गांव में एक बार भी बिजली बिल नहीं भेजा गया। अब एकाएक बिजली बिल हजारों में भेजकर हम परजमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप लगाया कि जब हमने बिजली बिल नहीं जमा कर सके तो बिजली निगम के जिम्मेदारों ने गांव की बिजली काट दी थी। बाद में जब इसकी शिकायत हम लोगों ने जनप्रतिनिधियों से की तो उसके गांव में बिजली आपूर्ति शुरू की गई।

इस संबंध में मधुबन एसडीओ आरके यादव का कहना है कि गांव में बिजली बिल बकाया है। कई साल से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि बिजली काटी गई थी लेकिन बाद में राजस्व वसूली होने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी गई। उधर, हर माह बिजली बिल क्यों नहीं भेजा गया, इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

उर्जा मंत्री खुद कर चुके हैं गांव का निरीक्षण

उर्जा मंत्री एके शर्मा ने बाढ़ का जायजा लेने के लिए बीते छह अगस्त को बिंदटोलिया गांव का निरीक्षण किया था। गांव के लोगों से संवाद कर उनकी समस्या भी सुनी थी। ग्रामीणों का आरोप था कि उनकी समस्या अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री तक पहुंचने ही नहीं दी। ग्रामीणों ने बताया कि ऐसे समय में जब सरयू नदी का लगातार जलस्तर बढ़ रहा है, हमारी जमीन कटान की जद में आ रही है। हजारों रुपये का बिल का भुगतान कराने को लेकर दवाब बनाया जा रहा है। ऐसे में वह कटान के साथ इस समस्या की दोहरी परेशानी को झेल रहे है।

ग्रामीण बोले- हमें बताया गया नहीं आएगा बिजली बिल
बिजली कनेक्शन लेने के बाद बिल का भुगतान न करने पर उपभोक्ता प्रभु नारायण विश्वकर्मा, रामप्रताप यादव, रामशब्द, रोहिणी, जगदीश, हरिनारायण विश्वकर्मा का कहना है कि वर्ष 2017-18 में गांव में विद्युतीकरण कराया गया था। विद्युत निगम के अधिकारियों ने कहा था कि लाल कार्डधारकों को फ्री बिजली मिलेगी। सफेद कार्डधारकों को आधी बिजली बिल देना होगा। कनेक्शन देने के बाद कभी बिल नहीं आया। एकाएक 50 हजार से 80 हजार रुपया का बिल भेज दिया गया है। उधर, इस मामले में अधीक्षण अभियंता एमके अग्रवाल ने बताया कि विद्युत निगम की तरफ से उपभोक्ताओं को बिजली बिल दी जाती है।
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क्या बोले अधिकारी
कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ताओं की भी बिजली बिल जमा करने की जिम्मेदारी होती है। हर माह क्यों बिजली बिल नहीं दिया गया, इसकी जानकारी लेने के साथ बिंदटोलिया गांव में कैंप लगाया जाएगा। उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी जाएगी। उनकी शिकायतों का उचित निस्तारण कराया जाएगा।
-सत्यप्रिय सिंह, एडीएम  

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