मऊ। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुद्धिसागर मिश्र की अदालत ने गैर इरादतन हत्या, अपहरण और दुष्कर्म के तीन मामलों में तीन आरोपियों की जमानत अर्जियों को नामंजूर कर दिया। प्रभारी जिला जज ने बचाव पक्ष और डीजीसी फौजदारी मणि बहादुर सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जियों को नामंजूर किया।
पहला मामला रानीपुर थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के अंबारी गांव निवासी प्रभुनाथ चौहान की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि उसका लड़का रानीपुर थाना क्षेत्र के मंडुसरा बुजुर्ग गांव में बारात में गया था। उसी दौरान घराती और बारातियों के बीच 24 मई को मारपीट हो गई । उसके लड़के हीरा चौहान को मारपीट कर घायल कर दिया गया। इलाज के दौरान हीरा चौहान की मौत हो गई। मामले में आरोपी मंडुसरा बुजुर्ग गांव निवासी सुनील सरोज पुत्र अच्छेलाल की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया।
दूसरा मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की घर से कोपागंज बाजार गई थी। उसी दौरान 4 अगस्त को आरोपी उसे बहला ले गया और पीड़िता को 50 हजार रुपये में बेच दिया। मामले में आरोपी रानीपुर गांव निवासी रणविजय सिंह की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया।
तीसरा मामला दुष्कर्म का कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा के साथ आरोपी ने डरा धमकाकर 8 जून को दुष्कर्म कर किया। मामले में आरोपी कोतवाली घोसी क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी नवरतन चौहान की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया।