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सीबीएसई 10,12वीं की बोर्ड परीक्षा को टाले जाने को छात्र हित में बताया बेहतर

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मऊ। सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह तक नहीं होगी। केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के सीबीएसई परीक्षा के इस निर्णय को जिले के छात्रों और शिक्षकों ने उचित बताया है। इस मुद्दे पर कॉलेज के प्रधानाचार्यों तथा छात्र छात्राओं से बातचीत की गई तो सभी ने कहा कि इससे उन्हें बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
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कोरोना संक्रमण तथा लाकडाउन के चलते सितंबर माह तक विद्यालय बंद थे। ऑन लाइन क्लास संचालित हो रही थी लेकिन कभी नेटवर्क तो कभी तकनीकी समस्या के चलते ऑनलाइन पढ़ाई में तमाम व्यववधान आ रहा था। प्रदेश सरकार की तरफ से गत 19 अक्तूबर से सोशल डिस्टेंसिंग के तहत विद्यालय खुले।
फरवरी माह में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र छात्राओं को चिंता सताने लगी। अब बोर्ड की तरफ से फरवरी माह में बोर्ड परीक्षा आयोजित न कराने के निर्णय से छात्र छात्राओं ने राहत की सांस ली है। इस संबंध में अमृत पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. माया सिंह का कहना था कि फरवरी माह में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र छात्राओं की तैयारी नहीं हो पाई थी, क्योंकि पढ़ाई का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया था। 15 मार्च से बोर्ड परीक्षा कराया जाना चाहिए। इसी क्रम में लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल के प्रधानाचार्य पीएल जैसी का कहना था कि फरवरी माह में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा को टाला जाना छात्र हित में सही कदम होगा। 15 मार्च से परीक्षा कराया जाना चाहिए।
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अमृत पब्लिक स्कूल के12वीं गणित वर्ग के छात्र पुष्कर राय का कहना था कि मार्च माह में परीक्षा होने से तैयारी करने का मौका मिल जाएगा। यहीं की 12वीं बायो वर्ग की छात्रा निकिता सिंह का कहना था कि लाकडाउन के चलते पढ़ाई में व्यवधान आने से परीक्षा की तैयारी नहीं हो पाई थी। फरवरी माह के बाद परीक्षा कराया जाना अच्छा है। इससे तैयारी करने का समय मिल जाएगा।
लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन की 12वीं बायो की छात्रा सना फिरदौस का कहना था कि मार्च माह में परीक्षा होने से तैयारी का समय मिल जाएगा। इसी विद्यालय की 12वीं की छात्रा स्मृति त्रिपाठी का कहना था कि फरवरी माह में प्रस्तावित बोर्ड परीक्षा को टाला जाना बोर्ड का सही निर्णय है।
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