मऊ। ठंड का प्रकोप बुधवार को जारी रहा, तड़के धुंध छाए रहने से वाहनों के संचालन पर भी खासा असर पड़ा है। अब तक ठंड से दो लोगों की मौत हो चुकी है। दिन में पर्याप्त बिजली न मिलने से किसानों को जान जोखिम में डालकर गेहूं के फसल की सिंचाई करना पड़ रहा है।
तड़के लगभग छह बजे तक धुंध छाए रहने से लोग की दिनचर्या खासा प्रभावित रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। पांच किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। तड़के धुंध छाए रहने से वाहनों का संचालन प्रभावित रहा। इसके चलते लोगों को गंतव्य तक पहुंचने मेें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
चटख धूप निकलने के बाद भी लोग गर्म कपड़ों में पैक रहे। शाम होते ही ठंड के खौेफ से पटरी दुकानदार अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं। सुबह अपने काम पर जाने वाले लोगों को ठंड में आना जाना भारी पड़ रहा है। ठंड से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी जिले के जिले के ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाए जा सके हैं।
हलधरपुर संवाददाता के अनुसार ठंड के मौसम में दिन में पर्याप्त बिजली न मिलने से किसानों को रात के समय जान जोखिम मेें डालकर सिंचाई करना पड़ रहा है। इस संबंध में किसान नेता बृजभूषण सिंह, मुकेश सिंह, नरेंद्र सिंह, रामविलास राजभर, राजेंद्र पांडेय, विजय शंकर प्रजापति का कहना है कि दिन मेें पर्याप्त बिजली न मिलने से फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। रात के समय बिजली मिल रही है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर सिंचाई करनी पड़ रही है। दिन में ही भरपूर विद्युत आपूर्ति की जाए।अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।