समायोजन समेत अन्य मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से कार्य बहिष्कार कर रहे एंबुलेंस चालक तथा ईएमटी आखिरकार बुधवार को काम पर लौट आए। बहिष्कार के बाद लौटे 135 एंबुलेंसकर्मियों ने शपथ पत्र भरकर कार्य प्रारंभ कर दिया है। साथ ही उन्हें भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी भी दी गई है।
जिले में 102 पर 27 तथा 108 पर 23 के अलावा तीन एएलएस एंबुलेंस समेत कुल 210 कर्मचारी तैनात थे। अपनी मांगों को लेकर 23 जुलाई से एंबुलेंस कर्मियों ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद 26 जुलाई की रात 12 बजे सभी एंबुलेंस को कोपागंज के बापू इंटर कॉलेज के मैदान में खड़ाकर कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। सभी 210 एंबुलेंस कर्मियों के बहिष्कार के बाद जिले में हड़कंप मच गया था। सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा जैसे-तैसे चालकों की व्यवस्था कर एंबुलेंस का संचालन सुनिश्चित कराया गया था। उधर, बहिष्कार के पांच दिन बाद कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई। पूरे 15 दिन कार्य बहिष्कार करने के बाद आखिरकार बुधवार को 135 एंबुलेंसकर्मी काम पर लौटे आए हैं। सभी ने शपथ पत्र दिया है कि वह सेवा प्रदाता कंपनी के मानक के अनुसार कार्य करेंगे। इसके साथ ही वह इसकी पुनरावृत्ति नहीं करेंगे। पुराने एंबुलेंस कर्मियों के वापस आने पर एंबुलेंस सेवा सुधरने लगी है। इससे मरीजों को परेशानियां भी कम हुई है। एंबुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर विजित श्रीवास्तव ने बताया कि बहिष्कार के बाद 90 कर्मचारियों की भर्ती कर उनसे कार्य लिया जा रहा था। बुधवार को शपथ पत्र देकर 135 कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। पुराने कर्मचारियों के काम पर लौटने से उनसे पहले की तरह काम लिया जा रहा है। जिले में सभी 53 एंबुलेंस सेवा शुरू हो गई है। पिछले 15 दिनों में कुल 11 सौ से अधिक मरीजों को अस्पताल व घर पहुंचाया गया है।