तहसील क्षेत्र के दरगाह में पूर्वांचल का इकलौता प्रभारी प्रत्याशी नीलम सिंह कुशवाहा को घोषित कर बसपा ने विधान सभा 2022 के चुनाव का बिगुल फुंक दिया है। बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्य कोआर्डिनेटर आजमगढ़ मंडल शमसुद्दीन ने कहा कि बसपा शासन काल में गुंडे माफियाओं की जगह सलाखों के पीछे हुआ करता था या प्रदेश से बाहर। लेकिन 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार में अपराधियों का बोलबाला सर चढ़ कर बोलने लगा। किसान, व्यापारी, मजदूर ,छात्र सभी परेशान रहे। अखिलेश सरकार ने किसान कर्ज माफी, मुसलमानों को 18 प्रतिशत आरक्षण, बेरोजगारों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन विफल रहे। 2017 के विधान चुनाव में भाजपा ने प्रदेश की कमान संभाली लेकिन इसने सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा देने के साथ ही इस सरकार में विकास फाइलों तक सिमट कर रह गया। भाजपा ने धर्म जाति के नाम पर आम आदमी को बांटने का काम किया। बसपा सरकार जनहित की सरकार हुआ करता था। सर्व समाज के हितों की सुरक्षा थी। उन्होंने मधुबन विधान सभा से नीलम सिंह कुशवाहा को प्रभारी प्रत्याशी घोषित करतें हुए बसपा कार्यकर्ताओं में चुनावी बिगुल फूंका।कोआर्डिनेटर हरिशचंद्र, इंदल राम, विनोद चौहान ने विस्तृत प्रकाश डाला । कार्यक्रम के अंत में प्रभारी प्रत्याशी नीलम सिंह कुशवाहा ने पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजीव कुमार राजू, पूर्व जिलाध्यक्ष रणविजय, गौरी शंकर आचार्य, रोहित कुमार गौतम, संदीप कुमार,संजय मौर्य, अशफाक, जंगबहादुर मौर्य, विक्रमा राम,अजय साहू आदि रहे। संचालन विधान सभा अध्यक्ष अनिल कुमार गौतम ने किया।