वार्ड बीस में लगी स्ट्रीट लाइट, जिसमें नकली तार लगाने का लगाया गया है आरोप
मऊ। नगर पालिका वार्ड 20 के सभासद सत्य प्रकाश सिंह ने 36 लाख से लगी स्ट्रीट लाइट में नकली तार लगाने का आरोप लगाते हुए लोकार्पण कार्यक्रम से दूर रहे। सोशल मीडिया पर अपनी तकलीफ साझा की। इसके बाद से मामला गरमा गया है।
उधर नगर पालिका के जिम्मेदार आरोप को गलत बता रहे हैं। लेकिन स्पष्ट तौर पर बोलने से बच रहे हैं। उधर महज 22 दिन के भीतर ही सभासद और नपाध्यक्ष की एकता में बिखराव का आना नगर पालिका सहित जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वार्ड-20 बख्तावरगंज में कर्नल राय के घर से काली माता मंदिर तक पंडितदीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत 36 लाख की लागत से 51 स्ट्रीट लाइटें लगाने का कार्य टेंडर के बाद बीते मई में शुरू हुआ। कार्य पूरा होने के बाद बीते 12 अगस्त को कार्य का लोकार्पण नगर पालिका अध्यक्ष अरशद जमाल की ओर से वार्डवासियों के बीच किया गया। लेकिन कार्यक्रम में वार्ड के सभासद सत्य प्रकाश सिंह शामिल नहीं थे, जिसको लेकर चर्चा भी रही। चर्चा बेहद खास हो गई जब इसके अगले दिन सभासद सत्य प्रकाश सिंह ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से 36 लाख की लागत से लगी स्ट्रीट लाइट पर सवालिया निशान ही नहीं उठाया। बल्कि भ्रष्टचार का आरोप लगाते हुए इसमें नकली तार का प्रयोग करने की बात कही। इसी वजह से इस लोकार्पण कार्य में शामिल नहीं हुए।
51 में से आधी स्ट्रीट लाइटें उदघाटन के पहले ही खराब हो गईं
सभासद ने आरोप लगाया कि 51 खंभे लगे थे जिसमें आधी स्ट्रीट लाइट के उद्घाटन के पहले ही खराब हो गईं। चेयरमैन अरसद जमाल की ओर से जल्द से जल्द क़रीबी ठेकेदार को पेमेंट कराने के लिए बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट का ही उद्घाटन कर दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच करने के लिए शिकायत भी की गई।