जिला अस्पताल स्थित पीआईसीयू में भर्ती बच्चे।संवाद
मऊ। मौसम में बदलाव के साथ जिले में वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों तक वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 900 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 50 फीसदी वायरल बुखार से पीड़ितों की है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में वायरल के मरीज भर्ती हैं, जबकि बच्चों के लिए बने 10 बेड के पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) में भी स्क्रब टाइफस से पीड़ित बच्चों की संख्या 70 फीसदी हो गई है। वायरल संक्रमण के बीच सबसे बड़ी चिंता मरीजों में तेजी से प्लेटलेट्स कम होने को लेकर है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 900 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 200 से 300 मरीजों की रक्त जांच कराई जा रही है। वहीं रोजाना 10 से अधिक नए मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
कसारा स्थित मेडिकल कॉलेज के वार्डों में भी करीब 30 फीसदी मरीज वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। नगर के चार बड़े निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों में करीब 50 फीसदी वायरल फीवर के मरीज हैं। निजी अस्पतालों में भी प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है
पीआईसीयू के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सीएस साहनी ने बताया कि वार्ड में 70 फीसदी बच्चे स्क्रब वायरल से पीड़ित है। इसमें बच्चों में तेज बुखार, बदन दर्द, खांसी और सिरदर्द की शिकायत हो रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि उनकी ओपीडी में 60 फीसदी मरीज वायरल बुखार से पीड़ित हैं। इसमें 20 फीसदी प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इसके मुख्य लक्षण लगातार कई दिनों तक तेज बुखार रहना। जोड़ों, मांसपेशियों और आंखों के पीछे तेज दर्द ।त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी रंग के धब्बे पड़ना और अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या जी मिचलाना शामिल है।
जिला अस्पताल स्थित पीआईसीयू में भर्ती बच्चे।संवाद