नगर के भुजौटी में लबे सड़क बेतरतीब खड़ी ट्रक,जिससे कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।
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मऊ। नेशनल हाईवे सहित अन्य प्रमुख मार्गों के किनारे खड़े ट्रक हादसों का बन रहे हैं। रात में ये ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते और आने वाले वाहनों से टकरा जाते हैं। इन ट्रकों से भीषण हादसे होते रहते हैं। पिछले एक साल में सड़क के किनारे खड़े ट्रकों से टकराकर 22 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। इस समय घना कोहरा पड़ रहा है इसमें सड़क किनारे खड़े ट्रक हादसों को दावत दे रहे हैं।
चालक ट्रकों को हाईवे, प्रमुख सड़कों के किनारे ढाबों या कहीं भी खड़ा करके भोजन या आराम करते हैं। इन ट्रकों में कोई इंडिकेटर नहीं जलाया जाता है जिससे सड़क से आने वाले अन्य वाहनों को ट्रकों के खड़े होने की स्थिति का अंदाजा लग सके। जिससे कोहरे में आने वाले वाहन ट्रकों से टकरा जाते हैं और इन हादसों में कई लोगों की जान चली जाती है, कई गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
दो दिन पहले ही दो लोगों ने गंवाई जान
दो दिन पहले बलिया लखनऊ स्टेट हाईवे पर खुरहट के पास खड़े ट्रक से एक कार टकरा गई। हादसे में मऊ नगर के दो युवकों की मौत हो गई। इसी प्रकार मुहम्मदाबाद गोहना के पास एक खड़े ट्रक से टकराने से बाइक सवार महिला और उसके बेटे की मौत हो गई। उधर, घोसी कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर खड़े एक ट्रक से टकराकर कार सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। जनपद में पिछले एक साल में सड़क के किनारे खड़े ट्रकों से होने वाले हादसों में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है। हादसों के बाद कम मामलों में ही चालकों पर मुकदमे दर्ज हो पाते हैं।
लोग बोले ऐसे चालकों पर कार्रवाई हो
अधिवक्ता शिवनारायण राय ने बताया कि सड़क की पटरी पर ट्रकें खड़ा करने वाले चालकों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिन ट्रकों को खड़ा करने की जरूरत हो तो सड़क के पटरी छोड़ कर खड़ा करें और पीछे इंडिकेटर जलाएं। अधिवक्ता अनिल सिंह का कहना है कि सड़क की पटरी पर खड़े ट्रक चालकों पर अभियान चलाकर कार्रवाई होनी चाहिए।
चालकों को सड़क की पटरी छोड़कर ट्रक खड़े करने चाहिए। इसके साथ ही उन्हें आगे पीछे इंडिकेटर जलाने चाहिए। जिससे आने वाले वाहनों को ट्रक के खड़े होने का अनुमान लग सके। अभियान चलाकर ऐसे ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र बाबू, एआरटीओ