शुरू से ही मुख्तार अंसारी द्वारा सुभासपा के टिकट पर सदर सीट से चुनाव लड़ने के कयास थे लेकिन सोमवार को मुख्तार की जगह अब्बास अंसारी ने सुभासपा प्रत्याशी के तौर पर नामाकंन कर इस कयास पर विराम लगा दिया। अब्बास अंसारी के पास कुल आठ करोड़ की चल-अचल संपत्ति है।
निशानेबाज होने के चलते उन्हें अलग अलग तरह के शस्त्रों का भी काफी शौक है। शपथ पत्र में पी 57382बी डीबीबीएल गन, 1740166 रिवाल्वर, 8468 रायफल जैसे शस्त्र शामिल हैं। इन शस्त्रों को निशानेबाज खिलाड़ी होने की दशा में खरीदा गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद जो आर्म्स लाइसेंस दिल्ली से जारी हुआ था उसे निरस्त कर सभी आर्म्स और एम्युनिशन को पुलिस-एसटीएफ ने कब्जे में ले लिया है।
ऐसे में अब्बास के पास न तो आर्म्स लाइसेस है न ही कोई शस्त्र। जब्त शस्त्रों की कीमत 43 लाख है। इसके अलावा अब्बास के पास फोर्ड एंडेवर चार पहिया वाहन भी है। इसके साथ ही चार करोड़ की अचल संपत्ति, 3.50 करोड़ के वाणिज्यिक भवन हैं। अब उनके नामांकन दाखिल करने के बाद राजनीति परिदृश्य बदला नजर आ रहा है।
घोसी सीट से लड़ चुके हैं चुनाव
अब्बास अंसारी कोई पहली बार जिले में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। इससे पहले भी वह जिले की घोसी सीट से दांव अजमा चुके हैं। 2017 चुनाव में करीब सात हजार वोटों से अब्बास को हराकर फागू चौहान ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में बसपा प्रत्यासी अब्बास को 81,295 मत मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी फागू चौहान ने 88,298 वोट पाकर जीत हासिल की थी।