दोहरीघाट। पुलिस के व्यवहार से आहत एक युवक ने मंगलवार को दोहरीघाट पुल से सरयू नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची दोहरीघाट पुलिस ने उसे रोकने के प्रयास किया लेेकिन वह जिद पर अड़ा रहा। इस हाई वोल्टेज ड्रामा की जानकारी पर सीओ घोसी और ब्लाॅक प्रमुख रात्रि नौ बजे मौके पर पहुंचे। सीओ ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर युवक को समझा बुझाकर ब्लाॅक प्रमुख राजू राय के साथ घर भेजा।
फरसरा खुर्द गांव निवासी युवक सोनू ने दो पक्षों के विवाद के मामले में समझौता कराने के नाम पर दोहरीघाट थाने के पुलिसकर्मी पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। उसने सीओ को बताया कि समझौता न होने पर जब उसने रुपये वापस मांगे तो पुलिस ने थाने में उसे मारपीट कर उसका चालान कर दिया। इस मामले में पीड़ित युवक की मां शशिकला ने सीओ को दिए पत्र में आरोप लगाया है कि विवाद के मामले में उनका बेटा सोनू थाने में तहरीर देने गया तो थानाध्यक्ष ने बेटे और भतीजे को बैठा लिया। थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी ने पांच हजार रुपये की मांग की, जो उन्हें दिया गया। दूसरे दिन विपक्षी ने अधिक रुपये देकर मेरे बेटे सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। 16 मई को बेटे सोनू को थाने पर बुलाकर रुपये लेने वाले सिपाही कांस्टेबल तथा थानाध्यक्ष ने मारपीटा। जेल भी भेज दिया। जमानत पर बाहर वापस आने पर उनके बेटे ने आत्महत्या का प्रयास किया था। घोसी क्षेत्राधिकारी दिनेशदत्त मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की मां का पत्र मिला है, जांच हो रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।