मऊ। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जनपद में मुख्यालय के साथ अनेक क्षेत्रों में संचालित होने वाले अवैध अस्पताल के साथ पैथाेलाॅजी व डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच करेगी। ऐसे सेंटर की सूची तैयार करने के बाद उसे जिला प्रशासन का सौंपा जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथाेलाॅजी सेंटर, डायग्नोस्टिक सेंटर और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीते दिनों सीएमओ डा. नंद कुमार ने इसके लिए डीएम को पत्र लिखा था। जिसके क्रम में डीएम प्रवीण मिश्र ने चार तहसील के एसडीएम और सीएमओ को सभी दस सीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में जांच करने का निर्देश दिया है।
वहीं नगर क्षेत्र में सीटी मजिस्ट्रेट के साथ डिप्टी सीएमओ को जांच के लिए आदेशित किया गया है। सभी टीम अपने क्षेत्र में ऐसे सेंटर और झोलाछाप की सूची तैयार करेंगी। जिसमें ऐसे अस्पताल को संचालन करने वाले का नाम व पता के साथ आने वाले चिकित्सक का भी नाम दर्ज होगा। वही पैथाेलाॅजी सेंटर के साथ डायग्नाेस्टिक सेंटर में जांच करने वाले के साथ जिसके नाम पर उसका भी विवरण दर्ज होगा। आम तौर एक रेडियोलाजिस्ट के नाम पर एक ही सेंटर का संचालन होना चाहिए। तैयार की गई सूची जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए सभी सीएचसी प्रभारी को पत्र लिखा जा चुका है।
विभाग में सिर्फ 53 क्लीनिक और 32 अस्पताल ही पंजीकृत
मऊ। विभाग के आंकड़ाें के अनुसार मुख्यालय सहित जनपद के अनेक क्षेत्रों में 53 क्लीनिक और 32 अस्पताल और नर्सिंग होम पंजीकृत हैं। इनकी कुल संख्या मिलाकर 85 है। लेकिन सही मायने में सिर्फ शहरी क्षेत्र में ही सैकड़ाें अस्पताल और नर्सिंग होम का संचालन हो रहा है। वहीं एक अस्पताल के सील होने के बाद वही लोगे दूसरे नाम से भी आसानी से पंजीकरण कराने के बाद अस्पताल का संचालन करते है। जनपद में ऐसा करने वाले भी सक्रिय है।
जनपद में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथाेलाॅजी, डायग्नोस्टिक सेंटर एवं झोलाझाप की जांच के लिए प्रशासन और विभाग की संयुक्त टीम की गठन किया गया है। आने वाले दिनों में टीम अपना काम शुरू कर देगी। - डा. नंद कुमार, सीएमओ