तहसील क्षेत्र के दरगाह गांव में सोमवार रात ईद मिलादुन्नबी के उपलक्ष्य में इस्लामिक जलसे का आयोजन किया गया।
इसमें आलिमों ने पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए मुस्लिम समाज के लोगों से उनके बताए रास्ते पर चलने और बुराइयों से दूर रहने की अपील की। विशेष वक्ता हाफिज व कारी अनिसुर रहमान ने कहा कि हजरत मुहम्मद केवल इस्लाम के अनुयायियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजे गए थे।
उन्होंने कहा कि उनके जन्म के समय अरब में कई सामाजिक बुराइयां व्याप्त थीं। बेटियों को जीवित दफन करने जैसी कुप्रथाओं के साथ जुआ, शराब, चोरी और डकैती जैसी बुराइयां भी आम थीं। हजरत मुहम्मद ने इन बुराइयों पर रोक लगाने के साथ लोगों तक इस्लाम की शिक्षाएं पहुंचाईं।
जलसे में कमाल अदरवी, जुनैद अदरवी, नौशाद अहमद, मौलाना महबूब आलम शमशी, अजमल रजा, हाफिज यूनुस और हाफिज सलमान ने नात-ए-पाक पेश की। संचालन हाफिज मुहम्मद मुस्लिम ने किया।
जलसे का समापन रात करीब एक बजे हुआ। इस दौरान मौलाना रिजवान अहमद, जिला पंचायत सदस्य आलमगीर उर्फ नन्हे भाई, अमित वर्मा, विनय मद्धेशिया, हाजी सोहबत अली, जावेद अहमद, सोएब अंसारी, बेलाल अहमद और सेराज अहमद आदि मौजूद रहे।