तनपुरा। क्षेत्र के गहनी में स्थापित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यहां सुविधाओं का टोंटा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी और फार्मासिस्ट का कभी कभार दर्शन होता है। उनके न रहने से अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी भी स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ देर रहकर घर का रास्ता नाप लेते हैं। शिकायत के बाद भी महकमे की ओर से मामले की जांच तक नहीं कराई जा सकी है।
गहनी स्थित न्यू पीएचसी पर कहने को तो प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत तीन चिकित्सकों समेत फार्मासिस्ट सहित स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती गई है। लेकिन सुविधाओं के नाम पर शून्य है। मरीजों के अनुसार प्रभारी चिकित्साधिकारी का कभी कभार ही दर्शन होता है। बताया जाता है कि लखनऊ रहकर प्रैक्टिस करते हैं। सूत्रों की मानें तो सीएचसी रतनपुरा के अधीक्षक ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के वेतन बिल को पास करने से ही इंकार कर दिया है। ऐसे में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। इस संबंध में अरविंद कुमार, प्रह्लाद, हेमंत कुमार राजभर, हरिंद्र, जयप्रकाश तिवारी, नरसिंह प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में दवाओं का हमेशा अकाल रहता है। पैथालाजी व अन्य जांच सुविधाएं शून्य हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी कब आते हैं पता ही नहीं चलता है। अस्पताल पर अव्यवस्था की स्थिति रहती है। शिकायत के बाद भी मामले को लटका दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुरा के अधीक्षक डा. डीके वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।