फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षक से 90 हजार की साइबर जालसाजी

विज्ञापन
विज्ञापन
वलीदपुर। कौशांबी जनपद में इस्लामिया मदरसा में अध्यापक से साइबर अपराधियों ने 95 हजार की जालसाजी कर लिया। मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के खैराबाद गांव निवासी शाहिद हसन कौशाम्बी जिले में एक मदरसा में अध्यापक हैं। वह कोरोना संक्रमण काम में इन दिनों अपने घर पर ही है। शाहिद हसन सना ऐप से अक्सर लेन-देन करते हैं। उनकी मोबाइल पर फोन करके दस हजार रुपये जालसाज ने बुधवार को मंगा लिया। बृहस्पतिवार को शाहिद के पास फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि वह सना एप से बोल रहा हूं कहा कि आप ने 10 हजार जो भेजा है वह अभी मिला नहीं है। फोन करने वाले अध्यापक से कहा कि आप अपना एटीएम कार्ड का नम्बर और उसके पीछे लिखा नम्बर लिखकर ऐनी डेस्क पर डाल दीजिये, जिससे आप का पैसा वापस मिल जाएगा। फोन करने वाले के बताने के अनुसार शाहिद ने अपने एटीम कार्ड का पूरा डिटेल एप पर डाल दिया। उसके बाद अध्यापक के खाते से शुक्रवार को तीन बार में कुल 85 हजार रुपये निकल गया। एक ही दिन में तीन बार रुपये निकाल लेने पर एसबीआई के बैंक अधिकारियों को शंका हुई।
विज्ञापन

स्टेट बैंक मुहम्मदाबाद गोहना के मैनेंजर ने शाहिद के मोबाइल पर फोन कर बताया कि आपके खाते से 2 घंटे के अंदर 85 हजार निकाले गए हैं। इसके पूर्व भी दस हजार रुपये निकाले गए हैं। अध्यापक ने बैक में जा कर बताया कि उसने कोई रुपये नहीं निकाले हैं। बैंक मैनेजर ने अध्यापक का खाता तुरंत बंद कराने को कहा। अध्यापक ने कोतवाली में जाकर तहरीर दिया। कोतवाल नीरज कुमार पाठक ने एक प्रार्थनापत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय में साइबर सेल में देने की सलाह दिया। अध्यापक ने वहां भी प्रार्थना पत्र दे दिया है। क्षेत्र में जालसाजों द्वारा साइबर अपराध की घटनाओं को आंजम दिया जा रहा है। हालांकि पुलिस की साइबर सेल लगातार लोगों को जागरूक करती है कि अपने एटीएम के डिटेल को किसी को न बताएं लेकिन अध्यापक होते हुए भी शाहिद ने इन सावधानियों पर सतर्कता नहीं बरती और जालसाजों की जालसाजी के शिकार हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें