जिला महिला अस्पताल में बीते दो दिनों से बारिश के बाद जर्जर भवन में जगह जगह से पानी रिसने के चलते अस्पताल भवन में करेंट उतरने से मरीजों में दहशत है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने बिजली आपूर्ति बंद करवा दी है। जिससे अस्पताल में अंधेरा पसरा पड़ा हुआ हैं, वहीं भर्ती मरीज भी छुट्टी कराकर चले गए। अस्पताल में बिजली न आने से वार्डो में ताला लटका है।
महिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, गुरुवार तक अस्पताल में तीन महिला भर्ती थी। लेकिन गुरुवार से हो रही लगातार बारिश के चलते जर्जर भवन में जगह जगह से पानी रिसने लगा है। वहीं बिजली आपूर्ति के लिए बिछाए गए तारों के कई जगहों से खुले होने से शॉट सर्किट से शुक्रवार की दोपहर में दीवारों में करेंट उतरने लगा तो मरीजों में दहशत फैल गई। बाद में अस्पताल प्रबंधन ने बिजली आपूर्ति बंद कर दी। वहीं अंधेरे के चलते मरीज भी छुट्टी कराकर वापस चले गए। शनिवार को अस्पताल के वार्डो में मरीज न होने और अंधेरे होने के चलते अस्पताल प्रबंधन ने ताला बंद कर दिया। साथ ही अस्पताल में जमा पानी को निकालने का कार्य शुरू किया।
अस्पताल के सूत्रों के मुुताबिक यह स्थिति प्रबंधन की लापरवाही के चलते हुई है। दरअसल बारिश से पूर्व ही भवन में बिजली सुरक्षा के मद्देनजर रोगी कल्याण समिति के खाते से लाखों की राशि अस्पताल प्रबंधन को मुुहैया कराई गई थी, इसके बावजूद प्रबंधन ने समस्या दुरुस्त नहीं कराया।
अस्पताल की सीएमएस डा. माधुरी सिंह ने ताया कि वह अवकाश पर है। इस बावत आजमगढ़ एडी नंदलाल यादव ने ऐसे किसी मामले के प्रति अनभिज्ञता जताई।