मधुबन तहसील क्षेत्र अंतर्गत घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए मधुबन के एसडीएम निरंकार सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ देवारांचल के कई गांवों का दौरा किया। एसडीएम ने बाढ़ के संभावित खतरों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी गांव वालों को दी। नाविकों को नावों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए जाने की जानकारी गांव वालों को दी।
एसडीएम ने संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों परसिया जयरामगिरी, दुबारी, धर्मपुर विशुनपुर,विंदटोलिया, नई बस्ती आदि दर्जनों गांवों का भ्रमण कर गांववासियों से बातचीत कर बाढ़ से संभावित खतरों के बारे में जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि घाघरा का पानी अभी नदी में ही है। किनारों से बाहर देवारांचल के ऊपरी इलाकों में अभी नदी का पानी फैला नहीं है। लेकिन अगर नदी के जलस्तर में हो रही वृदिध का क्रम जारी रहा तो पानी तटवर्ती इलाकों के गांवों तक आ सकता है। एसडीएम ने बताया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सूरजपुर, भैरोपुर, सुग्गीचौरी , दुबारी और परसिया जयरामगिरी में बाढ़ राहत चौकी के साथ ही शरणार्थी शिविर को चिहिंत कर लिया गया है। सभी बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मी घाघरा के जलस्तर पर सतत निगरानी रखेंगे। कहा कि चिकित्सकों की दल हर पल आवश्यक दवाओं के साथ वहा मौजूद रहेगा। उन्होंने कहा कि नाविकों को नाव के साथ हर पल तैयार रहने के लिए कहा गया है। ताकि विषम परिस्थिति मे नाव की समस्या न उत्पन्न होने पाए।