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नवनिर्मित परदहा सीएचसी में न इमरजेंसी वार्ड, न ही लेबर रूम

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गोदाम। परदहां ब्लाक के 51 गांवों के ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बना परदहां सीएचसी खुद बदहाल पड़ा हुआ है। शासन द्वारा एक साल पहले ही करोड़ों की लागत से अस्पताल के लिए नवनिर्मित भवन तैयार किया गया है। लेकिन अभी तक विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। यहीं नहीं अस्पताल में इमरजेंसी की सुविधा नहीं है। जिसके चलते गंभीर रूप से बीमार मरीज पांच किमी दूर जिला अस्पताल में इलाज कराने को मजबूर हो रहे है।
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सपा सरकार में तत्कालीन परदहां पीएचसी को सीएचसी में तब्दील करने की योजना तैयार कर 2013-14 में 30 बेड के अस्पताल के लिए 4 करोड़ 97 लाख 11 हजार रुपये की राशि अवमुक्त की गई थी। जहां कार्यदायी संस्था द्वारा मार्च 2016 तक नवीन भवन का निर्माण कार्य पूरा कर अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया गया। एक साल बीतने के बाद भी सीएचसी अस्पताल में अभी तक नये उपकरण और आवश्यक संसाधन तक नहीं लगाए गये हैं। यहीं नहीं नये भवन में ना ही इमर्जेंसी वार्ड हैं ना ही महिला प्रसव वार्ड हैं, और न ही टेक्निकल वार्ड हैं। इस संबंध में क्षेत्रवासी जितेंद्र मिश्र व भगत सिंह का कहना है कि पिछले सरकार ने परदहां ब्लाक पर 30 बेड का सीएचसी अस्पताल मिलने से क्षेत्र की जनता काफी खुश हैं। स्वास्थ्य की सभी सुविधा बढने से क्षेत्र के गांवो के ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा, लेकिन अभी तक डाक्टरों की तैनाती तक नहीं हुई है। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके सिंह का कहना है रिक्त पदों को लेकर आला अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही दूसरी अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है।
इनसेट
डॉक्टरों की कमी भी बन रही इलाज में रोड़ा
बढुआगोदाम। नए सीएचसी अस्पताल के लिए एक अधीक्षक, दो चिकित्सक, एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक महिला रोग विशेषज्ञ, एक फिजिशियन, एक सर्जन, एक डेंटल विशेषज्ञ, एक चीफ दो फार्मासिस्ट, एक एक्सरे टेक्नीशियन, तीन स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वाय, एक वार्ड आया का पद स्वीकृत है। इसके सापेक्ष वर्तमान में तीन एमबीबीएस डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक एचईओ, एक एलटी, एक आईओ, एक आपटोमेट्रिस, दो वार्ड ब्याय की तैनाती हो चुकी है।
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