मऊ। एक महीने तक विशेष स्वास्थ्य शिविर में जिले में 5286 महिलाओं में खून की कमी पाई गई। 500 महिलाएं एनिमिया से पीड़ित मिलीं। इस कमी को दूर करने के लिए हर सीएचसी पर एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर बनेगा। जिले के 10 सीएचसी पर मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर में किशोरियों, अस्पताल आने वाली महिलाओं और गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। खून की जांच के साथ ही उनके शूगर, बीपी आदि की जांच भी निशुल्क की जाएगी। इसके लिए नर्स को आपातकालीन ऑब्स केयर (इएमओसी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
नोडल और एसीएमओ डॉ बीके यादव ने बताया कि एनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए यह सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यदि समय से जांच हो जाएगी और यह पता चल जाएगा कि संबंधित महिला एनीमिया की चपेट में है तो उसका इलाज किया जा सकेगा। एनीमिया की चपेट में आने के कारणों की पड़ताल हो सकेगी। बताया कि बीते माह एक विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर कर महिलाओं में हीमोग्लोबिन की जांच की गई थी। इस दौरान 5286 महिलाओं में खून की कमी मिली थी। इसमें 500 से ज्यादा महिलाएं एनीमिया से पीड़ित मिलीं। बताया कि इस शिविर से पहले इन महिला मरीजों को बीमारी के बारे में जानकारी तक नहीं थी। उधर, एनीमिया को लेकर शासन ने अब सीएचसी पर अब इसको लेकर मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर को लेकर कवायद आखिरी चरण में है। इसके तहत सबसे पहले दोहरीघाट, फतेहपुर मंडाव में यह सेंटर शुरू होगा।
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मैटरनल एनीमिया मैनेजमेंट सेंटर में होगी जांच
किशोरियों, अस्पताल आने वाली महिलाओं और गर्भवती महिलाओं की जांच की जाएगी। खून की जांच के साथ ही उनका शूगर, ब्लड प्रेशर आदि की जांच भी निशुल्क की जाएगी। इसके लिए नर्स को आपात कालीन आब्स केयर (इएमओसी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।