मऊ। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने से नगरपालिका क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य रुक गए हैं। दरअसल गत दिनों नगरपालिका बोर्ड की बैठक में 91 करोड़ की लागत से नगर क्षेत्र में 29 विकास कार्यों का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन चुनाव के चलते टेंडर प्रक्रिया अधर में लटक गई है। अब दो माह बाद ही विकास का पहिया आगे बढ़ पाएगा।
आचार संहिता लगने से नगरपालिका में होने वाले विकास कार्य रुक गए हैं। गाजीपुर तिराहा से बाल निकेतन तक डिवाइडर बनना था, लेकिन चुनाव के चलते अधर में लटक गया है। हालत यह है कि हमेशा जाम की स्थिति होने से लोगों को गंतव्य तक जाने में काफी समय लग जा रहा है। इसी क्रम में स्वच्छता सर्वेक्षण में और अच्छी रैंक पाने के लिए विभिन्न तरह के कार्य करने के साथ ही नगर क्षेत्र में आरसीसी, सुलभ शौचालय निर्माण तथा जलजमाव से निजात दिलाने के लिए नाला निर्माण होना था, लेकिन चुनाव होने तक यह नहीं होगा। समस्याओं से निजात दिलवाने तथा नगर में विकास गति को तेज करने के लिए गत चार मार्च को नगरपालिका बोर्ड की बैठक में 91 करोड़ की लागत से भटकुंआ पट्टी दयाराम में रास्ता निर्माण, क्रासिंग से पावरहाउस मंदिर तक सड़क पर डिवाइडर, इंटरलाकिंग तथा सुंदरीकरण, ब्रह्मस्थान का सुंदरीकरण, कलेक्ट्रेट, बलिया मोड़, फातिमा चौराहे के पास सुलभ शौचालय का निर्माण सहित 29 प्रस्ताव पास किया गया था। इसी बीच लोकसभा चुनाव की तिथि घोषणा होने के बाद आचार संहिता लागू हो गई। इसके चलते टेंडर प्रक्रिया रुक गई। इस बाबत नगरपालिका चेयरमैन तैयब पालकी का कहना है कि नगरपालिका बोर्ड की बैठक में 91 करोड़ की लागत से नगर क्षेत्र में 29 विकास कार्यों का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते रुक गया है। अब चुनाव समाप्त होने के बाद टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस तरह अब जनता को छह माह बाद ही विकास कार्य का लाभ मिल पाएगा।