मऊ। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के रानीपुर कस्बा सहित 50 गांवों में बिजली आपूर्ति दशकों पुराने तारों से की जा रही है। दशकों पुरानें तारों की मरम्मत न होने से यहां आए दिन शार्ट सर्किट होने से तार टूटकर रास्ते में गिर जाते हैं जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना प्रबल है। वहीं तारों के टूटने के चलते घंटों बिजली आपूर्ति ठप होने से आपूर्ति बाधित रहती है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद भी जर्जर तारों की मरम्मत नहीं की जा रही है।
ब्लाक के गोकुलपुरा, रानीपुर, फतेहपुर, पिरूवा, खिरिया, चालहा, पलिया, बकरी, मखुनी, उमती सहित 50 गांवों में रानीपुर उपकेंद्र केंद्र के चार फीडरों से की जाती है। विभाग द्वारा दशकों पूर्व खींचे गए मेन लाइन तार के जजर्र हो जाने के बाद भी अब तक इसें मरम्मत नहीं किया जा रहा है। जिसके चलते आए दिन तारों के टूटने से आपूर्ति बाधित हो रही है। हालात यह है कि गर्मी में लोड तथा बरसात के दिनों में हल्की सी तेज हवा चल जाये तो तार टूट कर गिर जाने की बात आम बात हो गयी है।
टूटे हुए तारों को ढूंढ़कर फाल्ट को ठीक करने में कर्मचारियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। समस्या के संबंध में शिवशक्ति सिंह, मुन्ना, जेपी सिंह, जितेंद्र आदि लोगों का कहना है दशकों पूर्व विभाग द्वारा खींचे गए एचटी लाइन के तारों के जजर्र हो जाने से आय दिन घंटों फाल्ट की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। वहीं इस बाबत अवर अभियंता छोटेलाल का कहना है की रिवेंप स्किम के तहत जजर्र तारों को बदलने के बाबत विभागीय उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।