मऊ। यूपी बोर्ड हाईस्कूल इंटरमीडिट परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को रात्रिकालीन परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रुम सहित कैंपस का औचक निरीक्षण किया। मंगलवार को भी दो पालियों में प्रशासन की सख्ती रही। दोनों पालियों में सख्ती से 3326 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दिया।
पहली पाली में हाईस्कूल विज्ञान में 3243 और इंटर में नौ परीक्षार्थियों और दूसरी पाली में हाईस्कूल कृषि में नौ और इंटर अर्थशास्त्र में 74 सहित 83 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। दोनों पालियों में दोनों पालियों में पंजीकृत 41468 में से 38133 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
परीक्षा के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य, राजकीय इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य के नेतृत्व में सचल दस्ता ने परीक्षा केंद्राें का औचक निरीक्षण किया। जहां परीक्षा नकलविहीन होना पाया गया। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 135 परीक्षा केंद्रों पर हुई। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की तरफ से संयुक्त अभियान के चलते दोनों पालियों की परीक्षा नकलविहीन संपन्न हुई।
पहली पाली में हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा में पंंजीकृत 39224 के सापेक्ष 35981 परीक्षार्थी शामिल हुए। इंटरमीडिएट में 277 के सापेक्ष 268 परीक्षार्थी शामिल हुए। दूसरी पाली में हाईस्कूल कृषि मेें 212 के सापेक्ष 203परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट अर्थशास्त्र में 1755 के सापेक्ष 1681 परीक्षार्थी शामिल हुए।
वहीं सोमवार की रात जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों पर शिकंजा कसने के लिए मुहम्मदाबादगोहना स्थित मुहम्मद अंसार इंटर काॅलेज, शांतानंद स्वतंत्र भारत इंटर काॅलेज, चंद्रदेव स्मारक इंटर काॅलेज, शारदा देवी आर्य बालिका इंटर काॅलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्ट्रांग रुम, कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरे आदि का बारीकी से निरीक्षण किया।