मऊ। जिले में छह दिन तीन निजी स्कूल की बसों से तीन सड़क हादसों में चार लोगों की जान जा चुकी है। परिवहन विभाग के आंकड़े के अनुसार 300 स्कूली वाहन जिले में पंजीकृत हैं, इसमें 140 अनफिट हैं, बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
विभाग एक तरफ तो अमानक वाहनोंं में छात्रों के न बैठने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब भी मिलीभगत से निजी स्कूल संचालकों द्वारा छोटे वाहनों से बच्चों को लाने-छोड़ने का काम किया जा रहा है।
बीते छह दिन में हुए हादसों के ग्राफ पर नजर डाले तो मंगलवार को घोसी में मधुबन कस्बा की निजी स्कूल बस की टक्कर से मुहम्मदपुर हसनपुर में बाइक चला रहे युवक निशांत की मौत हो गई, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा देने जा रही दो छात्राएं हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई।
वहीं इस हादसे से 24 घंटे पहले घोसी कोतवाली क्षेत्र के पांडेयपार मोड़ के पास बेकाबू बस ने आगे निकलने की होड़ में बगल से गुजर रही बाइक में टक्कर मार दी थी।
हादसे में घोसी कोतवाली क्षेत्र के खनिगह निवासी रामरतन सिंह 52 और उनकी भतीजी सोनम सिंह की मौत हो गई।
इससे पहले बीते 27 फरवरी को मधुबन कस्बा में एक निजी वैन ने बाइक में टक्कर मार दी थी। जिसमें बाइक चला कौशल, उसकी बहन काजल और उसकी दादी सुरसतिया 65 गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जहां इलाज के दौरान सुरसतिया की मौत हो गई। उधर इस हादसे के बाद मंगलवार को परिवहन विभाग सक्रिय होकर नगर में पांच अनफिट वाहनों पर कार्रवाई की गई।