अमिला। प्रधानमंत्री आवास योजना में गांव के एक व्यक्ति से अवैध रू से वसूली गई 14 हजार पांच सौ रुपये की धनराशि को प्रधान प्रतिनिधि ने खुद लाभार्थी के घर जा कर वापस किया। अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबर धनराशि वापस किए जाने की घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। यह तो मात्र एक नमूना है पुरे ब्लॉक बडरॉव में उच्चाधिकारियों के मिली भगत से ऐसा खेल खेले जाने की चर्चा आम है। पीड़ित मुंह खोलने में कतरा रहे है की कही हमारा प्रधानमंत्री आवास बहक न जाए।
बड़राव ब्लाक क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित ग्रामीणों से ग्रामप्रधान प्रतिनिधि द्वारा जमकर लूट की जा रही है। ब्लॉक क्षेत्र के हेमई ग्रामसभा अंतर्गत हेमई पिपरी गांव में आवंटित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र ब्यक्तियों से आवंटन के नाम पर धन उगाही की गई। इस समचार को अमर उजाला ने बीते तीन सितंबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर हुआ कि हेमई पिपरी गांव निवासी रामसिंगार को प्रधान प्रनिनिधि ने रकम वापस कर दी। रामसिंगार की मांने तो उसे 14 हजार पांच सौ रुपया लिया गया था। जो शनिवार को वापस मिल गया। सरकार निराश्रित बेघरो को आवस के नाम पर एक लाख 20 हजार रुपया दे रही है, वहीं प्रतिनिधि रुपये का बंदर बांट करने में नहीं चुक रहें। रामसिंगार ने हिम्मत जुटाकर इस भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। प्रधानमंत्री आवास के लिए चयनित लाभार्थियों से उच्चाधिकारियों को रुपए देने की बात पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि हमारे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है अगर होगी तो मामला प्रकाश में आते ही कठोर कार्यवाही की जाएगी।