गर्मी शुरू हो गई है। गांवों में खराब हैंडपंप की मरम्मत नहीं हुई। लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। हर गांव में दो से चार सरकारी हैंडपंप खराब हैं। जिले में 645 गांवों में 29 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं। नौ ब्लॉकोंं में लगभग 3000 हैंडपंप खराब है। मुहम्मदाबादगोहना ब्लॉक के 83 ग्राम पंचायतों में 3438 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से 53 हैंडपंप खराब हैं। 31 रिबोर और शेष में मामूली खराबी है। जल जीवन मिशन के के तहत 21 ग्राम पंचायत में अलाउद्दीन पट्टी, उम्मनपुर, सुतरही, चालीसवां, बनियापार, बरहदपुर, गालिबपुर, अलाउद्दीनपुर, हिंडोला, टेकेई, देवरिया, भदवा, अन्नूपार आदि ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य चल रहा है। घोसी ब्लाॅक में कुल 2057 हैंडपंप हैं। सर्वे में 806 हैंडपंप खराब मिले। घोसी ब्लॉक क्षेत्र के मझवारा में भी हैंडपंप खराब है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में चार हजार इंडिया मार्क टू हैंडपंप रिबोर और 3800 हैंडपंप की मरम्मत कराई गई है। खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी ग्रामसभा की है। परेशान ग्रामीण ग्राम प्रधान और ब्लॉक कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग डायरिया, पेचिस, उल्टी सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो जा रहे हैं। कोपागंज के ग्राम सोड़सर में जलजीवन मिशन के तहत बने ओवरहेड टैंक की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। इससे लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
कोट
गांवों मेें भरपूर पेयजल आपूर्ति के लिए प्रयास जारी है। गांवों में खराब हैंडपंप की मरम्मत के लिए सर्वे चल रहा है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद हैंडपंप की मरम्मत कराई जाएगी।
अजीत कुमार सिंह
प्रभारी जिला पंचायतराज अधिकारी, मऊ