दोहरीघाट। घाघरा नदी का जलस्तर खतरा निशान से 13 सेमी ऊपर बहने से लोगों की धड़कनें तेज होती जा रही है। लगातार तीन दिन से नदी में उफान जारी रहने से नगर सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की नींद उड़ गई है। मंगलवार को नदी में उफान आने से खाकी बाबा की कुटी तथा शवदाह घाट के सटे दक्षिण अचानक पानी का दबाव बढ गया। सिंचाई विभाग की तरफ से ईंट की टुकड़ियों से भरी बोरियां डालते हुए देखा गया। नदी के उग्र तेवर से कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
नदी के खतरा बिंदु के ऊपर बहने से घाघरा के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, चिउटीडांड़, बहादुरपुर, पतनई, सरयां, ठाकुरगांव, बीबीपुर, ताहिरपुर, गोधनी, गौरीडीह, जमीरा, चैराडीह, पाउस, कोरौली, बेलवली, चंद्रबारी, ठिकरहिया, महुआबारी, रसुअलपुर, सुरजपुर आदि गांवों के हजारों एकड फसलय पानी मे डूब गई है। वहीं नगर एतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर खतरे के जद मे आ गए हैं। मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मंदिर तथा शवदाह घाट पर घाघरा की प्रलयंकारी लहरे टक्कर मार रही है। जिससे दोनों स्थलो पर खतरा बढता जा रहा है। स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। घाघरा के तटवर्ती इलाके के गांवों को बाढ से बचाने के लिए बने बंधों पर नदी का पानी टक्कर मार रहा है। जर्जर बंधे पर पानी के दबाव को लेकर चिंतित हैं। नदी के बढने से नगर के तीन मुहल्ला मल्लाह टोला, भगवानपुरा, दलित बस्ती के लोगों को मुहल्ले में पानी घुसने का डर सताने लगा है।24 घंटे में घाघरा का जल स्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो मंगलवार को जलस्तर 70.3 मीटर रहा। सोमवार को 69.93 मीटर था। गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90मीटर है। नदी के बढने से खाकी बाबा की कुटी तथा शवदाह घाट के सटें दक्षिण अचानक पानी का दबाव बढ जाने से सिचाई विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की तरफ से ईंट की टुकड़ियों से भरी बोरियां डालते हुए देखा गया।