मऊ। जिले की गर्भवती महिलाएं अब निजी केंद्रों पर निशुल्क जांच करवा सकती हैं। इसके लिए जिले के 21 निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का चयन किया गया है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के तहत इस सुविधा का लाभ मिलेगा। अब तक सात निजी केंद्रों पर यह व्यवस्था थी। अब संख्या बढ़ने के बाद महिलाओं को राहत होगी।
हर माह की 1,9,16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को जरूरी सलाह देने के साथ ही जांच भी की जाती है। अब गर्भवती महिलाओं की जिले के निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निशुल्क जांच हो सकेगी। सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ई-रूपी वाउचर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी आसान होगी। इस प्रक्रिया में लाभार्थियों को शुल्क नहीं देना होगा। सीएमओ डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि फरवरी 2023 में जिले में केवल सिर्फ निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर यह सुविधा थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2023-24 की शुरुआत में 18 और निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को जोड़ा गया है।
नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि ई-रुपी वाउचर एक प्रकार का क्यूआर कोड है, जिसे स्कैन करते ही रुपये एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पहुंच जाते हैं। यह एक प्रीपेड वाउचर की तरह है। गर्भवती का मोबाइल नंबर और नाम की सूचना भरी जाती है। इससे उसका ई-रूपी वाउचर जनरेट हो जाता है। यह वाउचर जनरेट होने के बाद गर्भवती के मोबाइल नंबर पर एक लिंक चला जाता है। इस लिंक को लेकर गर्भवती किसी भी सूचीबद्ध अल्ट्रासाउंड केंद्र पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड जांच करा सकती है।
इस तरह मिलेगा योजना का लाभ
मऊ। ब्लॉक स्तर पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच की सूची एक्सेल शीट पर बीपीएम द्वारा जिला स्तरीय टीम को मुहैया कराई जाएगी। जिला स्तर पर इस सूची को ई-रुपी वाउचर की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ई-रुपी वाउचर जनरेट होकर लाभार्थी के मोबाइल पर पहुंच जाएगा। लाभार्थी वाउचर के साथ सेवा प्रदाता अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाएगा। वहां अल्ट्रासाउंड होने के बाद लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी आएगा। ओटीपी सेवा प्रदाता को देने के बाद अल्ट्रासाउंड की राशि सेवा प्रदाता के खाते में स्वत: पहुंच जाएगी। नोडल अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में नगर में आठ तो घोसी में पांच सबसे ज्यादा अल्टासाउंड केंद्र जुड़े हैं।