कोपागंज। क़स्बा स्थित प्राचीन गौरीशंकर मंदिर और क्षेत्र के नौसेमर स्थित प्राचीन बारह दुवरिया शिव मंदिर में आगामी 14 फ़रवरी को महा शिवरात्रि को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई। दोनों मंदिर पर 14 फरवरी को भगवान शिव को जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों का रेला लगेगा।
कोपागंज स्थित प्राचीन गौरीशंकर मंदिर पर प्रतिदिन भक्तों का रेला लगता है। बताया जाता है कि लगभग 700 वर्ष पूर्व पिथौरागढ़ नरेश इधर से अपनी सेना के साथगुजर रहे थे। कुछ देर विश्राम करने के लिए इसी गौरीशंकर मंदिर के प्रांगण में रुके। उस समय यह मंदिर परिसर जंगलों और झाड़ से ढका हुआ था। उसी समय राजा को स्वप्न में मंदिर के अंदर शिवलिंग ढके होने की जानकारी हुई। राजा से स्थानीय लोगों से मंदिर की साफ सफाई कराने केलिए सहयोग मांगा। लेकिन कोई आगे नहीं आया। तब कुपित होकर उन्होंने श्राप दिया किवे कभी आगे नही बढ़ेंगे। जैसे ही वैसे ही रहोगे। इसी का परिणाम है आज भी स्थानीयलोगों की अपेक्षा बाहरी लोगो ने यहां आकर ज्यादा विकास किया। राजा ने अपने राज्यपिथौरागढ़ से धन मगाकर इस मंदिर की साफ सफाई कराया और सफाई के दौरान गर्भगृह में नीचे दबे शिवलिंग का पता चला। राजा ने मंदिर का जीर्णोद्धारकराया। इसी क्रम में नौसेमर के पास तमसा तट के किनारे स्थितबारहदुअरिया शिव मंदिर की काफी महत्ता है। शिवरात्रि के अवसर पर भारी संख्या में शिवभक्त श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।