बढुुआगोदाम। नगर के ताजोपुर स्थित फातिमा स्कूल में बालिका दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण, सम्मान के प्रोत्साहन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में व्याप्त अनेक सामाजिक कुरीतियों कन्या भ्रूण हत्या, नारी उत्पीड़न, शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना आदि पहलुओं पर करारा प्रहार किया। बच्चों ने कहा कि आज कि बालिकाएं भविष्य की पीवी सिंधु, किरण बेदी, कल्पना चावला, मदर टेरेसा बनकर समाज व देश को नई दिशा देंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि सृष्टि का आधार ही नारी शक्ति है। जिन परिवारों में लड़कियां होती हैं वहां पर संस्कारगत विकास मुख्य रूप से पाया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा रुपी ज्योति से सभ्य समाज की स्थापना कर अज्ञानता रुपी अंधकार को मिटाया जा सकता है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि लखनऊ से आयीं सिस्टर शांति ने कहा कि लड़कियां अभिशाप नहीं बल्कि सृष्टि के लिए वरदान हैं। कन्या भ्रूण हत्या लिंग भेद एक नैतिक व सामाजिक अपराध हैं। कन्याएं सृष्टि की सौंदर्य व प्राण हैं। आज आवश्यकता है कि माता-पिता व समाज अपनी सोच में बदलाव लेते हुए नारी सशक्तिकरण के वाहक बने। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि द्वारा सैन्ट जांस स्कूल, गाजीपुर में संपन्न हुई क्षेत्रीय खेलकूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्राप्त छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। स्वर्ण पदक प्राप्त छात्राओं में मुख्य रूप से दीक्षा सिंह, आयुषी सिंह, सृष्टि राय आदि रहीं। प्रधानाचार्या सिस्टर सिंथिया ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के सफल प्रस्तुतीकरण के लिए बच्चों को बधाई दी।