मऊ। जिला अस्पताल में रविवार को संचारी रोग नियंत्रण पखवारे का शुभारंभ डीएम प्रकाश बिंदु ने किया। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव के तरीके अपनाए जाएं। दिमागी बुखार जानलेवा हो सकता है और बच्चे शारीरिक एवं मानसिक बीमारी के शिकार हो सकते हैं।
वहीं सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि यह मच्छर अक्सर धान के खेतों तथा पानी के तालाबों में रहते हैं। संक्रमण के बाद विषाणु मनुष्य के मस्तिक एवं रीढ़ की हड्डी सहित केंद्रीय नाड़ी तन्त्र में प्रवेश कर जाते है। कहा कि शुरूआत में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षण के साथ बुखार आना, ठंड लगना, थकान महसूस होना, सिर दर्द, उल्टी आना तथा घबराहट हो सकती है। इलाज के अभाव में आगे चलकर उपरोक्त लक्षण 30 प्रतिशत से अधिक होने पर इंसेफ्लाइटिस का रूप धारण कर सकता है। बताया कि अभियान के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके तहत सभी तहसीलों, गांवों में जागरूकता अभियान, जागरूकता रैली, नाटक मंचन आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर अपर सीएमओ डॉ. एम लाल, डॉ. पीके राय, सीएमएस डॉ. बृजकुमार, सरोज राना, सुनिता सिंह, जितेंद्र कुमार, धर्मेश राय, दुर्गाप्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
पहले दिन दो लाख से ज्यादा लोगों को खिलाई दवा
मऊ। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के साथ चार दिवसीय फाइलेरिया रोग उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान को संबोधित करते हुए जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनिता सिंह ने कहा कि जिले में फाइलेरिया रोग के उन्मूलन हेतु रविवार से 14 फरवरी तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले की 24 लाख की आबादी में करीब 85 प्रतिशत यानी 18 लाख 74 हजार 396 जनसंख्या को दवा खिलाई जायेगी। अभियान के पहले दिन दो लाख 74 हजार से ज्यादा लोगों को दवा खिलाई गई। बताया कि अभियान के तहत 15 प्रतिशत लोगों को इसमें शामिल नहीं है, जिसमें 0 से 2 साल, गर्भवती महिलाए, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी।