सोशल मीडिया पर भूकंप को लेकर होती रही चर्चा
सर्वे के बाद किसानों के खेतों में कार्य शुरू करने के दौरान 60 से लेकर 20 फीट तक गड्ढे खोदने के बाद इसमें विस्फोट किया गया था।इससे हुए कंपन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह का चर्चा होता रहा। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति साफ होने पर इसे देखने के लिए ग्रामीणों में भीड़ लग गई।
पहले तो लोग उत्सुकतावश यह जानने के लिए पहुंचे कि किसलिए खोदाई हो रही है। जब पता चला कि इस इलाके में प्राकृतिक तेल या गैस होने की संभावना है तो लोग बहुत खुश नजर आए। ग्रामीण संघर्ष मणि उपाध्याय ने कहा कि अगर प्राकृतिक तेल मिलता है तो बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं बबलू यादव ने बताया कि सभी लोगों में बहुत उत्सकुता है। अगर तेल मिलता है तो यहां के लोगों की तरक्की होगी।
2013 में भी इंदारा में तेल का स्रोत लगाने को लेकर हुई थी कवायद
जिले में यह पहली कवायद नहीं है बल्कि वर्ष 2013 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को लेकर इंदारा में परियोजना की आधारशिला रखी गई थी और तेल-गैस के स्रोत का पता लगाने के लिए खोदाई का काम शुरू किया गया था। तत्कालीन सांसद दारा सिंह चौहान व ओएनजीसी के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा ने सवा अरब की इस परियोजना का उद्घाटन किया था। उस समय इस परियोजना को लेकर सात साल बाद अंतिम मंजूरी मिली। यहां लगभग तीन हजार मीटर गहराई पर तेल व गैस का भंडार मिलने की संभावना जताया गया था।