नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित कार्यालय पर गुरुवार को रामकुमार गिरिजा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वाधान में विश्व किडनी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. नम्रता श्रीवास्तव तथा डॉ. अरविंद्र श्रीवास्तव द्वारा किडनी रोग से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
डॉ. नम्रता श्रीवास्तव ने कहा कि किडनी हमारे शरीर में बहुत छोटा सा अंग होता है। मगर इसका कार्य बहुत महत्वपूर्ण होता है। किडनी हमारे शरीर में रक्त के भीतर उपस्थित सभी तरह के नुकसानदायक पदार्थ को छान कर बाहर करता है। कहा कि किडनी में कोई खराबी आ जाये तो खून की सफाई में दिक्कत होने लगती है। कहा कि मधुमय, हाई ब्लेड प्रेशर, पथरी बनना, तनाव, इंफेक्शन, दर्द की दवा की दवा का ज्यादा सेवन एवं धूम्रपान गुर्दा रोग की प्रमुख वजह है। वहीं डॉ. अरविंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि देश में पांच लाख ऐसे रोगी है जिनकी किडनी काफी खराब हो चुकी है। वो किडनी ट्रांसप्लान हेतु डोनर की तलाश में डायलिसिस पर जीवन जी रहे है। कहा कि इस बीमारी का मुख्य कारण अनियंत्रित मधुमेह है।
कार्यक्रम में डॉ. अरविंद्र श्रीवास्तव ने लोगों को किडनी के बीमारी के लक्षण तथा उससे बचाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। इस मौके पर सेवानिवृत्त कैप्टन डॉ. वी.वी. सिंह, डॉ. दीप माला, डॉ. पूजा श्रीवास्तव, रामविजय, प्रफुल्ल खरवार, लक्ष्मीराय, शुभम आदि मौजूद रहे।
शारदा नारायन हास्पिटल में गुरुवार को विश्व किडनी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. संजय सिंह ने कहा कि जागरूकता की कमी से प्रत्येक 10 में से एक व्यक्ति को किसी न किसी रूप में क्रोनिक किडनी की बीमारी होने की संभावना होती है। बताया कि पेशाब के दौरान अत्यधिक दर्द एवं जलन होना, बार बार कम मात्रा में पेशाब का होना, पेशाब में खून आना, सास फूलना, थकावट, शरीर में सूजन, भूख न लगना चेहरे और पैरो में सूजन किडनी रोग के लक्षण है।इस मौके पर डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. एकिका सिंह, डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. सतीश सिंह, डॉ. गुलाम, डॉ. अंजनी दूबे, डॉ. पूजा, डॉ. समा आदि मौजूद रहे।