जिला प्रशासन द्वारा जिले में मतदान का ग्राफ बढ़ाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तो दूसरी तरफ बीते पांच साल में समस्याओं का समाधान ना होने से नाराज लोगों को आक्रोश फूटने लगा है। जो कि बीते 3 मई सनगेपुर में देखने को मिला। जहां सड़क ना बनने से नाराज ग्रामीणों ने सासंद तथा लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी को गांव के अंदर घुसने से रोक दिया। यहीं नहीं जिले के अन्य ब्लाकों में ग्रामीण प्रदर्शन कर समस्या का समाधान नहीं होने पर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर लोगों को उनके समस्या का निस्तारण का आश्वासन दिया जा रहा है। चर्चा है कि ऐसे में कहीं ग्रामीणों का आक्रोश मतदान का ग्राफ न गिरा दे।
बीते 2014 लोकसभा चुनाव में घोसी लोकसभा चुनाव का मतदान का ग्राफ 59 फीसदी के करीब था। जिला प्रशासन द्वारा मतदान का ग्राफ बढ़ाने के लिए आचार संहिता लगने के बाद से निरंतर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन प्रशासन के यह प्रयास विफल होता दिख रहा है, वजह है समस्याओं का निस्तारण ना होने पर ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन कर मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय। बता दे कि बीते 20 अप्रैल को परदहा ब्लाक के सुवराबोझ गांव में सैकड़ों ग्रामीणों ने बीते कई सालों से सड़क ना बनने से नाराज होकर प्रदर्शन करते हुए मतदान का बहिष्कार का निर्णय था। हालांकि ग्रामीणों की प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर अगले दिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को 23 मई सड़क बनवाने का आश्वासन दिया। वहीं 3 मई को जनसंपर्क करने गए भाजपा प्रत्याशी तथा सासंद हरिनरायण राजभर को आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में घुसने से रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सासंद से कई बार शिकायत के बाद उनके द्वारा सड़क नहीं बनाई गई। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में उनके द्वारा इसका निस्तारण का आश्वासन दिया था।
वहीं दोहरीघाट ब्लाक में 5 मई को गोठा ग्रामसभा के लोहार का पुरा में सड़क ना बनने पर प्रदर्शन कर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी। जहां अगले दिन एसडीएम घोसी डॉ. सीएल सोनकर गांव पहुंचकर समस्या का निस्तारण का आश्वासन दिया। वहीं 7 मई को रतनपुरा ब्लाक के पिंडोहरी गांव के मझौआं पुरवे में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। मतदान से पहले जिस तरह से समस्याओं का निस्तारण ना होने पर ग्रामीणों में गुस्सा पनप रहा है। उससे मतदान ग्राफ में बढ़ोत्तरी की उम्मीद घट सकती है।