मऊ। मऊ-बलिया रेलमार्ग पर स्थित रतनपुरा रेलवे स्टेशन से होकर एक दर्जन से अधिक एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन मात्र एक एक्सप्रेस का ठहराव होने से स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि जिले का प्रमुख बाजार होने के चलते बड़ी संख्या में यहां से व्यापारी विभिन्न जगहों के लिए मऊ या बलिया जाकर रेल यात्रा करने को विवश हैं।
मऊ-बलिया रेल मार्ग पर रतनपुरा रेलवे स्टेशन से भारी संख्या में लोग महानगरों की तरफ यात्रा करते हैं। यहां से होकर प्रतिदिन एक दर्जन एक्सप्रेस ट्रेेन गुजरती हैं, लेकिन केवल उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन का ही ठहराव है। जबकि स्टेशन से साबरमती एक्सप्रेस, सरयू-यमुना एक्सप्रेस, पूर्वांचल गोरखपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा, सूरत-छपरा, गरीब नवाज एक्सप्रेस सहित एक दर्जन एक्सप्रेस ट्रेनों का आवागमन होता है। लेकिन अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टेेशन पर ठहराव न होने से रतनपुरा के यात्रियों को 21 किलोमीटर दूर मऊ जंक्शन या 45 किमी दूर बलिया जंक्शन जाना पड़ता है। रेलवे स्टेशन पर आरक्षण खिड़की खोले जाने की मांग लंबे समय से चल रही है। आरक्षण कराने के लिए रसड़ा इंदारा मऊ जाना पड़ता है, जिससे धन और समय दोनों बर्बाद होता है।
इस संबंध में अरविंद कुमार, अभय जीत सिंह, मोहन कुमार, भूटू अंसारी, निसार अहमद, सुनील कुमार, परमात्मानंद सिंह का कहना है कि साबरमती एक्सप्रेस और सरयू यमुना एक्सप्रेस के ठहराव के लिए कई बार रेलवे प्रबंधन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कहा कि समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे।