मऊ। जिले के सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होने से चिकित्सक और कर्मचारी दहशत में रहते हैं। अस्पताल में कई बार इलाज के दौरान मरीज के साथ आए परिवारजनों द्वारा चिकित्सकों से अभद्रता और मारपीट जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा ब्लॉक के सामुदायिक तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों मेें सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जा सकी है। जिला अस्पताल में एक दो होमगार्ड की ड्यूटी लगाकर दायित्वों की इतिश्री कर दी जाती है। शासन के तरफ से सरकारी अस्पतालों के अधीक्षकों को अस्पताल के संसाधन के अनुसार सुरक्षाकर्मियों के तैनाती का अधिकार दिया गया है। इसके बाद भी पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं की जा सकी है।
जिले में एक जिला और एक महिला अस्पताल के साथ ही नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र, 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। किसी भी सरकारी अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं हो सकी है। सुरक्षा व्यवस्था न होने के चलते रात में ड्यूटी करने को लेकर चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को अराजकतत्वों द्वारा हंगामा करने का भय हमेशा बना रहता है। जिला अस्पताल में कई बार चिकित्सकों से दुर्व्यवहार करने की घटनाएं होे चुकी हैं। अक्तूबर माह में नए भवन में राजकीय महिला चिकित्सालय के स्थानांतरित होने के बाद चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक और कर्मचारी सुरक्षाकर्मी के अभाव में अस्पताल में किसी अनहोनी होने की आशंका से दहशत में रहते हैं।
सरकारी अस्पतालों में हो चुकी हैं कई घटनाएं
मऊ। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती न होने से गत आठ अप्रैल की रात चिरैयाकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चोरी की घटना हुई। इसी तरह रतनपुरा ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र पर गत चार मार्च को रात के समय एक महिला मरीज के साथ आए परिवारजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से मारपीट हो गई। ब्लॉक के सीएचसी और पीएचसी में शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमघट लग जाता है।
पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की हो तैनाती
मऊ। राजकीय महिला चिकित्सालय की डॉ. रीमा यादव का कहना है कि इलाज के दौरान कई बार मरीजों के परिवारीजन अभद्रता करने पर आमादा हो जाते हैं। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्ड की तैनाती होनी चाहिए। महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स कमला आर्या का कहना है कि अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती न होने से कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। मरीजों के परिवारजनों द्वारा चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों से अभद्रता करने की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे मेें पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षाकर्मियों का पद सृजित नहीं है। लेकिन अस्पताल के अधीक्षक संसाधन के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की तैैनाती कर सकते हैं।