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नदी के जलस्तर में घटाव, खतरा बरकरार

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दोहरीघाट। घाघरा का जलस्तर घटने के बाद भी नदी के उग्र रुप धारण करने से लोग दहशत में जी रहे हैं। कटान जारी रहने से दोहरीघाट कस्बा सहित ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने के उपाय तक नहीं किया जा सका है।
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नदी के जलस्तर में घटाव दर्ज होने के बाद प्रशासन राहत की सांस ले रहा है। वहीं कटान तेज होने से तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के उग्र होने की चिंता सताने लगी है। नदी के घटने बढने से लोगों को अनिष्ट की चिंता सताने लगी है। घाघरा के जल स्तर पर नजर डालें तो 24 घंटे मे नदी केजल स्तर 23 सेमी घटाव दर्ज किया गया। बुधवार को जलस्तर 69.63 मीटर रहा। जबकि मंगलवार को जल स्तर 69.85 मीटर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरा निशान 69.90 मीटर है। नदी के घटने बढने से जहां नगर के लोग अभी भी भयभीत हैं। वहीं घाघरा के तटवर्ती इलाके के लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। नदी कभी भी कहर बरपा सकती है। कटान का क्रम जारी रहा तो भारत माता मंदिर, मुक्तिधाम सहित दोहरीघाट कस्बे का अस्तित्व खतरे मे पड़ जाएगा। डोमराज के मकान से लेकर शवदाह घाट तक करीब 100 मीटर नदी बैकरोलिंग कर रही है। कटान जारी रहने के बाद भी सिंचाई विभाग की तरफ से कटान रोकने का उपाय तक नहीं किया जा सका है। उधर मधुबन तहसील के देवारा इलाके में बाढ़ से फसल नष्ट होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। चारे का संकट बढ़ गया है।
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