मुहम्मदाबाद गोहना। तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में गुरुवार को परिवार नियोजन द्वारा पुरुषों की भागीदारी विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डा. राजदेव चतुर्वेदी ने कहा कि मातृ मृत्यु के मुख्य कारणों में गर्भावस्था और प्रसव से संबंधित जटिलता के साथ गुणवत्ता पूर्वक परिवार नियोजन सेवाओं का अभाव और असुरक्षित गर्भ समापन है। महिलाओं को परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी प्रदान कर और आपातकालीन प्रसूति संबंधी देखभाल का प्रशिक्षण प्रदान कर 75 प्रतिशत तक मृत्यु दर कम किया जा सकता है। साथ ही कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में केवल महिला भागीदारी है। 14 प्रतिशत महिलाएं अगला बच्चा नहीं चाहती हैं और 5 प्रतिशत महिलाएं ही बच्चों के बीच में अंतर चाहती हैं, जबकि सरकार लगातार परिवार नियोजन की सेवाओं की जानकारी की उपलब्धता एवं नियोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार प्रयास कर रही है।
जिले में पिछले 1 साल से परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने को लेकर समुदाय और शैक्षणिक संस्थानों के सदस्यों के साथ जागरूकता बढ़ाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इस मौके पर सीएचसी अधीक्षक डा. ए पी सिंह ने लोगों से अपील की कि पुरुष नसबंदी में भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। पुरुष नसबंदी अब काफी आसान है और आधुनिक तकनीकी से मात्र 5 मिनट में ही बिना चीरा टाका के सफल नसबंदी की जा सकती है। कार्यशाला में डा.इकबाल अहमद, रामकुमार यादव, सतीश चंद्र राम, मूरत, हेमंत भाट, मोहम्मद नसीम, डॉ.संतोष यादव, रितेश सहित स्वास्थ्य कर्मी सहित आशा बहुएं मौजूद रहीं।