नौहझील (मथुरा)। क्षेत्र में यमुना नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने फिर से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तटीय गांवों में चार दिन की राहत के बाद नदी एक बार फिर उफान पर है।
बृहस्पतिवार रात से अचानक यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। इससे शुक्रवार व शनिवार को छिनपारई गांव के समीप नौहझील-शेरगढ़ मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी तेज बहाव के साथ सड़क पर आ गया। ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कत आ रही है। दोपहिया वाहन चालक व पैदल राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। स्कूली बच्चों, मरीजों और काम पर जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स लगा हुआ है।
तटीय गांवों अड्डा मीणा, छिनपारई, फिरोजपुर, अड्डा मल्हान, अड्डा जाटव, बाघर्रा, बरौठ, मंडारी, रायपुर, नानकपुर, भैरई, मुसमुना, मुकदुमपुर, खुशलागढ़ी, अनरदागढ़ी, भगवानगढ़ी, तिलकागढ़ी, जाफरपुर, मंगलखोर, इनायतगढ़, दौलतपुर, बसाऊ, देदना, मरहला मुक्खा, भूरगढ़ी, पालखेड़ा, पिथौरा व फरीदपुर सहित आदि गांवों के किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। किसान महेंद्र, पीतंबर, हरवंश, रामकिशन आदि ने बताया कि खेतों में धान, बाजरा, ज्वार सहित आदि फसलें जलमग्न हो गयी हैं। नायब तहसीलदार राकेश उपाध्याय ने बताया कि यमुना तटीय इलाकों में निरीक्षण किया जा रहा है। खेतों का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा।