मथुरा। नौहझील के गांव बरौठ में 11 नवंबर 2024 को ढाबे पर हुई मारपीट के बाद बाइक सवारों को ट्रैक्टर से रौंद दिया। इस घटना में एक बाइक सवार की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हत्यारोपी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत के लिए अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
गांव बरौठ निवासी विशंभर ने 12 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 11 नवंबर की रात गांव के ही पास स्थित ढाबा पर बॉबी और जल सिंह के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हो गई। इसमें ढाबा संचालक चंद्रवीर के सिर में डंडा लगा और वह बेहोश हो गया। ढाबा संचालक के भाई मोटो ने मारपीट में अपने भाई चंद्रवीर उर्फ चंद्रप्रकाश को मृत समझा और अपना आपा खो दिया। वह अपने साथी सूरज के साथ ट्रैक्टर पर सवार हुआ और बाइक सवार जलसिंह, दीपक और कैलाश में टक्कर मार दी। ट्रैक्टर की टक्कर से जल सिंह की मौत हो गई, जबकि दीपक और कैलाश घायल हो गए।
हत्यारोपी के साथ ट्रैक्टर पर सवार सूरज ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत अर्जी दाखिल की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत के लिए काफी दलील दी, लेकिन डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) के समक्ष उनकी एक दलील काम नहीं आई। कोर्ट ने अधिवक्ताओं की दलील, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सूरज की जमानत अर्जी खारिज कर दी।