डॉक्टर ने कराया प्रतिबंधित टेस्ट, डीएम से शिकायत
- फोटो : अमर उजाला
राया विकास खंड के गांव कारब निवासी ओमप्रकाश ने एक डाक्टर पर टीबी गोल्ड टेस्ट कराए जाने की शिकायत जिला अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी से की है। उन्होेेंने डॉक्टर पर आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण का भी आरोप लगाया है।
ओमप्रकाश ने अवगत कराया कि उनके पुत्र को खांसी की शिकायत हुई तो 26 अप्रैल को भूतेश्वर रोड स्थित एक डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने टीबी गोल्ड परीक्षण कराया जो भारत सरकार की ओ से वर्जित है। इतना ही नहीं बाजार से टीबी की दवाइयां भी लिखी गई हैं। उन्होंने बताया कि जब उनके बेटे को कोई लाभ नहीं हुआ तो उन्होंने वृंदावन में टीबी सेनेटोरियम में दिखाया जहां चिकित्सकों ने उसे टीबी होने से इंकार कर दिया।
सात जून 2012 को किया था प्रतिबंधित
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सात जून 2012 को नोटिफिकेशन जारी कर सीरियो डायग्नोस्टिक परीक्षण किटों के प्रयोग से असंगत और संदिग्ध परिणाम मिलने के चलते इसका प्रयोग वर्जित कर दिया था।
भारत सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर टीबी के लिए किसी प्रकार के सिरोलॉजिकल टेस्ट को वर्जित कर दिया है। मैने अभी शिकायत देखी नहीं है। तथ्यों के आधार पर जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- डा. प्रवीन भारती, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी मथुरा