मथुरा। प्रदेश सरकार की 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के दावों का झूठ पकड़े जाने के बाद अब एक एक फीडर द्वारा की जाने वाली बिजली आपूर्ति का इंजीनियरों को हिसाब देना होगा। हर फीडर की इंजीनियरों को 24 घंटे में तीन बार रिपोर्ट देनी होगी।
प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल पहले शहरों को 24 घंटे तथा ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति कराने के आदेश किए थे, इसमें बिजली इंजीनियरों ने शत प्रतिशत बिजली आपूर्ति करने की रिपोर्ट ऊर्जा मंत्रालय को भेज दी। ऊर्जा मंत्री ने जब इसकी जांच कराई तो हकीकत में बड़ा झूठ पकड़ा गया।
इस पर अब बिजली इंजीनियरों ने फॉल्ट व अन्य तकनीकी खामियां बताकर फीडर बंद होना बताया। इस पर अब पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने इंजीनियरों से हर फीडर को चालू रखने का हिसाब मांगा है। इसकी रोजाना तीन बार रिपोर्ट मांगी जा रही है।
खासकर देहात के 56 बिजलीघरों के 250 से अधिक व शहर के 17 बिजलीघरों के 100 फीडरों से होने वाली आपूर्ति की रात 12 से दिन के 12 बजे तक, दोपहर को 12 से तीन बजे तक तथा उसके बाद रात आठ बजे तक की रिपोर्ट भेजी जा रही है। एसई देहात विनोद कुमार गंगवार ने बताया कि हर फीडर की रोजाना तीन बार रिपोर्ट लखनऊ भेजी जा रही है।