तीन ओर यमुना से घिरे होने के बाद भी वृंदावन में पानी का संकट है। यमुना में जल का स्तर गिरने से रेतीले टापू उभर आए हैं। यमुना का जलस्तर गिरने से ही वृंदावन में भूगर्भ जलस्तर लगातार गिर रहा है।
पालिका के यमुना किनारे के कालीदह घाट, गऊ घाट, बिहार घाट, जुगल घाट, मालाधारी अखाड़ा, जगन्नाथ घाट, टटिया स्थान के नलकूपों का जलस्तर पांच फुट तक गिर गया है। शहर के कई हैंडपंप का पानी सूख रहा है। लगातार जलस्तर में हो रही गिरावट खतरे का संकेत है।
नगर पालिका के जलकल विभाग द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़े के अनुसार यमुना किनारे के एक किलोमीटर क्षेत्र में पांच फुट, शहरी क्षेत्र में दस से बारह फुट के आसपास भूगर्भ जलस्तर में गिरावट आई है। नगर पालिका ने वृंदावन में गिरते भूगर्भ जलस्तर से जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया है।
पालिका के जलकल विभाग के कर्मचारी रत्नेश सारस्वत ने बताया कि गिरते जलस्तर के कारण यमुना किनारे टटिया स्थान, केशी घाट, मालाधारी अखाड़ा आदि पंपों का पानी उतर गया है। वहीं शहर के कई इलाकों के हैंडपंप का पानी भी उतर गया है।
सबमर्सिबल पंप से दोहन
नगर में लगातार हो रहे नए निर्माण भी भूगर्भ जलस्तर में गिरावट के कारण हैं। सरकारी महकमों की अनदेखी से नए निर्माण के दौरान भवन स्वामी बोरिंग कराकर जल दोहन कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक वृंदावन शहरी क्षेत्र में 10000 से अधिक सबमर्सिबल पंप हैं। इनसे दिन-रात हो रहा जलदोहन भी गिरते भूगर्भ जलस्तर का प्रमुख कारण है।
वर्षा जल संचयन पर अमल नहीं
प्रदेश सरकार के कड़े आदेशों के बाद भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) सिस्टम पर अमल नहीं किया जा रहा है। बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच करे ही विकास प्राधिकरण ने नक्शे पास हो रहे हैं।
वाहन धुलाई से जल की बर्बादी
नगर पालिका की पेयजल लाइन के कनेक्शन से वाहन धुलाई का धंधा खूब चल रहा है। नगर के राधा निवास, मुखर्जी पार्क, बस स्टैंड, भैंसा गोदाम, नगर पालिका के समीप क्षेत्रों में वाहन धुलाई सेंटर चल रहे हैं। इससे पालिका प्रशासन को हर वर्ष लाखों की चपत लग रही है। नगर पालिका के जलकल विभाग के जेई दुष्यंत कुमार ने मामले में दुकानदारों के पेयजल कनेक्शन काटकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवा