मथुरा। मानसून में पहाड़ों व मैदानी इलाकों तेज बारिश हो रही है। इसके कारण शनिवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी मंगलवार तक मथुरा पहुंच जाएगा। इससे यमुना नदी में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं गोकुल बैराज से 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
वर्तमान में यमुना का जलस्तर 163.90 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। नदी का चेतावनी जलस्तर 165.20 मीटर जबकि खतरे का निशान 166.00 मीटर पर है। हालांकि नदी का जलस्तर अभी सुरक्षित दायरे में है लेकिन आने वाले पानी की मात्रा को देखते हुए स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन द्वारा नदी के बढ़ते जलस्तर की पल-पल की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है। वहीं खादर और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी जा रही है। इधर नगर निगम की ओर यमुना में नावों के संचालन और गहरे पानी में जाने पर रोक लगाई गई है। वहीं यमुना किनारे रहने वाले ग्रामीणों और तीर्थयात्रियों से नदी के घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
नियंत्रण कक्ष बनाया
आगामी 24 घंटे मथुरा के लिए महत्वपूर्ण हैं। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सिंचाई विभाग के कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसमें तीन शिफ्टों में दो-दो कर्मचारियों को तैनात किया गया है। नियंत्रण कक्ष द्वारा प्रत्येक घंटे पर जलस्तर को दर्ज किया जा रहा है। किसी भी स्थिति में नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 0565- 2470334 पर संपर्क किया जा सकता है।
यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर आज से दिखना शुरू हो जाएगा। वर्तमान में जलस्तर 163.90 मीटर है जो खतरे के निशान से काफी नीचे है। विभाग की टीमें पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही हैं। सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
नवीन कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
वृंदावन में बढ़ा जलस्तर, शौचालय डूूबा
वृंदावन। हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद वृंदावन में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। केसी घाट पर रखा अस्थाई शौचालय पानी में डूब गया। जलस्तर में वृद्धि के साथ ही घाट किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों ने सतर्कता बढ़ा दी है। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी गहरे पानी में जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। अपर नगरायुक्त सीपी पाठक का कहना है कि निगम की टीम घाटों पर नजर बनाए हुए हैं। गोताखोर भी मौजूद हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वह गहरे पानी में न जाएं। संवाद