फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना के जल को आचमन लायक बनाने पर चल रहा कार्य : शेखावत

विज्ञापन
रमणरेती आश्रम में शरणानंद महाराज और संतों से यमुना शुद्धिकरण को लेकर वार्ता करते केंद्रीय जल शक? - फोटो : MATHURA
विज्ञापन
मथुरा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बुधवार को महावन स्थित रमणरेती आश्रम पहुंचे। यहां वह कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव में शामिल हुए और कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने ने संतों को आश्वस्त किया कि देव प्रयाग से लेकर ऋषिकेश तक गंगा पूरी तरह शुद्ध हो चुकी हैं।
विज्ञापन

यमुना शुद्धिकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि अभी यमुना को शुद्ध करने के लिए बहुत बड़ी योजना पर काम हो रहा है। दो बड़े बांधों का निर्माण किया जा रहा है। इनके निर्माण के बाद यमुना में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
उन्होंने संतों को विश्वास दिलाया कि यमुना का जल आचमन के लायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें कम से कम तीन वर्ष लगेंगे। उन्होंने संतों के समक्ष यमुना-गंगा शुद्धिकरण के लिए चल रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
विज्ञापन

इस मौके पर श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महामंडलेश्वर गोविंददेव गिरी, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी विद्याभाष्कर महाराज, गीतामनीषी संत ज्ञानानंद महाराज, सन्यासी आश्रम के महंत स्वामी विश्वेशानंद महाराज के साथ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, विधायक कारिंदा सिंह उपस्थित थे।
‘यमुना में गंदगी का मामला चिंतनीय’
पत्रकारों से वार्ता करते हुए केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गंगा शुद्धिकरण के लिए जो कार्य हुए हैं उनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यमुना में गंदगी का मामला चिंतनीय है।
2015 में प्रधानमंत्री ने कहा था कि जब हम गंगा की बात करें तो यमुना एवं उसकी सहायक नदियों पर भी काम होना चाहिए। अब यमुना की अविरलता के लिए कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। निश्चत ही जैसे पिछले पांच वर्ष में गंगा की अविरलता के लिए सार्थक परिणाम सामने आए हैं, आने वाले समय में यमुना की अविरलता भी दिखाई देगी।
संतों के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया गया कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्री हर तीन माह में एक बार देश के प्रमुख संतों के साथ बैठक कर देश की नदियों की स्थिति और उनपर चल रहीं परियोजनाओं पर मंथन करेंगे।
यमुना मिशन के पदाधिकारियों के दावों को किया दरकिनार
मथुरा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और संतों के बीच चल रही वार्ता के दौरान ही यमुना मिशन से जुड़े उद्योगपति प्रदीप बंसल ने अपनी राय पेश की। इसमें उन्होंने यमुना को शुद्ध करने के अपने दावे को रखा ही था कि केंद्रीय मंत्री और संतों ने उनकी बातों को दरकिनार कर दिया।
विज्ञापन

संतों की प्रमुख मांगें
यमुना और गंगा के प्रवाह को अविरल बनाया जाए
यमुना और गंगा के किनारों पर हो रहे निर्माणों पर अंकुश लगे।
यमुना और गंगा के प्राचीन घाटों का संरक्षण और संवर्धन हो।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें