मथुरा। सिंचाई विभाग की कीमती जमीन पर अवैध कब्जे होते रहे, बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो गईं और अधिकारी सोते रहे। किसानों की लगातार शिकायतों और सिंचाई बंधु की बैठकों में लगातार मुद्दा उठने के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और करीब 10 दिन पहले अवैध कब्जों का चिह्नांकन किया गया। इमारतों पर लाल निशान लगाए गए हैं।
कान्हा की नगरी में मथुरा स्कैप की पांच किलोमीटर, वृंदावन माइनर की सात किलोमीटर (छटीकरा से वृंदावन) और महोली माइनर की तीन किलोमीटर (एटीवी फैक्टरी के पीछे से महोली गांव) तक जमीन भू-माफिया के कब्जे में है।
माइनर में पानी न होने तथा अवैध कब्जा होने के कारण किसान परेशान रहते हैं। वे खेतों की सिंचाई नहीं कर पाते। मामले में किसानों ने कई बार शासन स्तर पर भी शिकायतें की। 14 फरवरी को हुई सिंचाई बंधु की बैठक में भी यह मामला जोरशोर से उठाया गया।
पिछले दिनों जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। अब सिंचाई विभाग ने अवैध कब्जों का चिह्नांकन कर लाल निशान लगा दिए हैं।
जल्द हटवाएंगे अवैध कब्जे
माइनर पर अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस दिए गए हैं। अवैध कब्जों का चिह्नांकन कराया गया है। तहसील और प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा कर अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
- बच्चन सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
शासन तक की गईं शिकायतें
सिंाचाई विभाग की जमीनों पर अवैैध कब्जे करने का मामला बैठकों में उठता रहा है। शासन स्तर पर भी शिकायतें की गई हैं, लेकिन अधिकारियों की इच्छा शक्ति की कमी के कारण अवैध कब्जे नहीं हटाए गए। अब चिह्नांकन किया गया है। संभवत: अवैध कब्जे हटाए जाएंगे इससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
- सुधीर रावत, उपाध्यक्ष सिंचाई बंधु